CG journalist attack : पितईबंद में पत्रकारों पर जानलेवा हमला, राजिम में गरियाबंद के पत्रकारों का धरना, तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन तेज

CG journalist attack : गरियाबंद जिले के पितईबंद रेत खदान में कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हुए हमले के विरोध में गरियाबंद जिले के पत्रकारों में भारी आक्रोश फैल गया है। रविवार को राजिम का पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक मीडिया के विरोध प्रदर्शन स्थल में तब्दील हो गया, जहां 50 से अधिक पत्रकार एकजुट होकर धरने पर बैठ गए।
पत्रकारों की तीन प्रमुख मांगें हैं:
- हमले के आरोपियों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हो।
- खनिज अधिकारी रोहित साहू को तत्काल निलंबित किया जाए।
- जिले में संचालित सभी अवैध रेत खदानों को तत्काल बंद किया जाए।
इस हमले ने प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्रकारों ने बताया कि जब वे पितईबंद की अवैध रेत खदान की रिपोर्टिंग के लिए पहुंचे, तब माफियाओं ने हमला कर दिया। हमलावरों ने मारपीट, हथियारों का प्रदर्शन और दो राउंड हवाई फायरिंग की। जान बचाने के लिए पत्रकारों को तीन किलोमीटर दौड़ना पड़ा और घंटों खेतों में छिपकर रहना पड़ा। (CG journalist attack)
पुलिस का कहना है कि हमले में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन पत्रकार इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि खनिज अधिकारी रोहित साहू को बार-बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया, जिससे उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
धरनास्थल पर नारे गूंजे:
“हमला सहेंगे नहीं”, “रेत माफिया हटाओ”, “खनिज अधिकारी को बर्खास्त करो” जैसे नारे चौक में गूंजते रहे। धरने की लाइव कवरेज मीडिया कैमरों के जरिए लगातार जारी रही। (CG journalist attack)
अब जिले भर की नजरें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा पर टिकी हैं। पत्रकारों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। (CG journalist attack)



