छत्तीसगढ़ पुलिस की ‘ऑपरेशन मुस्कान’ से बड़ी सफलता: वर्षों से लापता दो बच्चियां परिजनों से मिलीं, कुल 814 बच्चों की सकुशल वापसी
Operation Muskaan : गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए गए एक माह के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मुस्कान’ (Operation Muskaan) ने इस वर्ष ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है। 1 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक चले इस अभियान में 814 गुमशुदा बच्चों को तलाश कर सुरक्षित रूप से उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। इनमें 113 बालक और 701 बालिकाएं शामिल हैं।
राज्यव्यापी समन्वय और प्रयास
अभियान को पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व और महानिरीक्षकों के मार्गदर्शन में चलाया गया। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनके तहत प्रत्येक जिले में विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने हर संभावित स्थान और ठिकाने पर जाकर बच्चों की खोजबीन की और अभियान को सफल बनाया।
7 साल बाद बेटी लौटी, बिहार से बरामद
दुर्ग जिले के सुपेला थाना क्षेत्र से वर्ष 2018 में लापता हुई एक नाबालिग बालिका को पुलिस ने बिहार के छपरा से दस्तयाब किया। लड़की उस समय बिना किसी को बताए घर से चली गई थी। वर्षों की तलाश के बाद जब पुलिस ने उसे परिजनों से मिलवाया, तो सात साल बाद परिवार की खोई मुस्कान लौट आई।
6 साल बाद मिली बिलासपुर की बच्ची
इसी तरह, वर्ष 2019 में थाना सीपत, बिलासपुर से लापता हुई एक अन्य बालिका को पुलिस ने 6 वर्षों बाद खोज निकाला। वह स्कूल के लिए निकली थी और फिर वापस नहीं लौटी। काफी समय तक कोई सुराग नहीं मिलने के बावजूद, ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत पुलिस की टीम ने उसे खोज निकाला और परिजनों को सौंपा।
16 राज्यों से बरामद हुए 122 बच्चे
इस अभियान के दौरान अन्य राज्यों से कुल 122 गुमशुदा बच्चों को भी दस्तयाब किया गया। इनमें प्रमुख राज्य हैं:
- महाराष्ट्र – 31 बच्चे
- मध्यप्रदेश – 24
- तेलंगाना – 12
- ओडिशा – 8
- बिहार – 6
- तमिलनाडु – 6
- कुल मिलाकर 16 राज्यों से बच्चों की सकुशल वापसी हुई।
जिलावार उपलब्धि: दुर्ग, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा अव्वल
जिलावार प्रदर्शन में दुर्ग ने सर्वाधिक 181 बच्चों, बिलासपुर ने 151, और जांजगीर-चांपा ने 60 बच्चों को दस्तयाब कर बेहतरीन कार्य किया। सभी बच्चों को विधिवत प्रक्रिया के बाद उनके परिजनों को सौंपा गया।
मुस्कान लौटी, भरोसा भी
‘ऑपरेशन मुस्कान’ ने न सिर्फ लापता बच्चों को घर लौटाया, बल्कि परिवारों को उम्मीद और सुरक्षा का एहसास भी दिलाया। यह अभियान छत्तीसगढ़ पुलिस की संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और सुनियोजित कार्यप्रणाली का स्पष्ट प्रमाण है। (Operation Muskaan)



