Google Analytics —— Meta Pixel

Chintan Shivir 2.0 CG : सुशासन की नई परिभाषा गढ़ता चिंतन शिविर, तकनीक और नवाचार से शासन में पारदर्शिता और दक्षता की ओर

Chintan Shivir 2.0 CG : छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर स्थित आईआईएम परिसर में ‘चिंतन शिविर 2.0’ का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य शासन को अधिक पारदर्शी, तकनीक-संपन्न और जनहितैषी बनाना था। शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उनके मंत्रीमंडल के सदस्य, नीति विशेषज्ञों और आईआईएम रायपुर के शिक्षाविदों ने भाग लिया।

यह भी पढ़ें :- Industrial Policy 2024-30: छत्तीसगढ़ में उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण, मुख्यमंत्री साय ने IIM रायपुर में दंतेवाड़ा के युवाओं को किया प्रोत्साहित

शिविर के अंतिम दिन प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य श्री संजीव सान्याल ने “आर्ट ऑफ गुड गवर्नेंस” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, अनावश्यक नियमों को हटाने और सरकारी एजेंसियों के पुनर्गठन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण में लचीलापन और कार्यान्वयन की क्षमता किसी भी राज्य की सफलता की कुंजी है। (Chintan Shivir 2.0 CG)

डिजिटल हेल्थ विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने बताया कि डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकें—जैसे ई-हेल्थ रिकॉर्ड्स, टेलीमेडिसिन, मोबाइल हेल्थ ऐप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस—दूरदराज़ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों से न केवल सेवाएं सुलभ होती हैं बल्कि शासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व भी बढ़ता है। (Chintan Shivir 2.0 CG)

राजनीतिक विश्लेषक एवं लेखक श्री उदय माहुरकर ने “गुड गवर्नेंस टू इलेक्शन” विषय पर वक्तव्य दिया। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, प्रशासनिक जवाबदेही, और नैतिक शासन के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय स्तर पर सुशासन को सशक्त करने से न केवल प्रशासनिक तंत्र मजबूत होता है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में भी भरोसा बढ़ता है। (Chintan Shivir 2.0 CG)

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत और आईआईएम रायपुर के निदेशक श्री राम काकानी भी उपस्थित थे। शिविर में लिए गए निष्कर्ष भविष्य की नीतियों और प्रशासनिक रणनीतियों के मार्गदर्शन में सहायक होंगे।

Back to top button
error: Content is protected !!