CM Vishnu Deo Sai : बस्तर अब डर से नहीं, डिजिटल बदलाव से पहचाना जा रहा है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

CM Vishnu Deo Sai : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने बस्तर में स्थापित हो रही शांति, डिजिटल बदलाव, योजनाओं की प्रगति और सुशासन तिहार जैसे नवाचारों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर अब सिर्फ़ सुरक्षा चुनौतियों का क्षेत्र नहीं रहा, बल्कि डिजिटल विकास की नई मिसाल बन चुका है। एक समय जिस क्षेत्र को बंदूक और बारूदी सुरंगों के लिए जाना जाता था, वहां आज मोबाइल टावर खड़े हो रहे हैं। ये टावर न केवल संचार के साधन हैं, बल्कि विकास और विश्वास का प्रतीक भी बन गए हैं। (CM Vishnu Deo Sai)
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष में राज्य सरकार ने 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंप स्थापित किए हैं। इन सुरक्षा चौकियों के आसपास के गांवों में सुरक्षा के साथ-साथ अब 4G नेटवर्क की सुविधा भी उपलब्ध हो चुकी है। अब तक 671 मोबाइल टावर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 365 में 4G सेवाएं शुरू हो गई हैं।
बस्तर के युवाओं को अब पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहर नहीं जाना पड़ रहा है। स्मार्टफोन और नेटवर्क की सुविधा ने उन्हें अपने गांव से ही डिजिटल दुनिया से जोड़ दिया है। (CM Vishnu Deo Sai)
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा चौकियों के आसपास के गांवों में अब बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं तेज़ी से पहुँचाई जा रही हैं। नियद नेल्लानार योजना के तहत 146 चिन्हित ग्रामों में 18 सामुदायिक सेवाएं और 25 शासकीय योजनाएं एक साथ क्रियान्वित की जा रही हैं।
राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए सुशासन तिहार के तहत अब तक सैकड़ों समाधान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें जनप्रतिनिधि गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और वहीं समाधान भी देते हैं। शिविरों में राशन कार्ड, आधार, पेंशन, स्वास्थ्य परीक्षण, स्कूल प्रवेश, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला योजना आदि का लाभ एक मंच से मिल रहा है। (CM Vishnu Deo Sai)
जल संरक्षण के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में बारिश के दिनों में कमी आई है — पहले जहां 100 दिन बारिश होती थी, अब केवल 65 दिन होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है। आधुनिक तकनीक जैसे GIS मैपिंग और ‘जलदूत’ मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर जल स्रोतों की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
इस अभियान में महिला समूहों की अहम भूमिका है। वे तालाबों की सफाई, गहराई बढ़ाने और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने में सक्रिय हैं।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को देश की पहली 24×7 हाईब्रिड सार्वजनिक लाइब्रेरी ‘नालंदा परिसर’ के बारे में बताया, जो 18 करोड़ की लागत से बनी है। इसमें ई-लाइब्रेरी, यूथ टॉवर, हेल्थ ज़ोन और सौर ऊर्जा से संचालित सेवाएं हैं। अब तक 11,000 से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं, जिनमें 300 से अधिक ने UPSC और CGPSC जैसी परीक्षाएं पास की हैं।
उन्होंने ‘प्रयास’ मॉडल की भी जानकारी दी, जिसके अंतर्गत आदिवासी और वंचित वर्ग के बच्चों को IIT, NEET, CLAT जैसी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी कराई जाती है। अब तक 1508 छात्र राष्ट्रीय संस्थानों में चयनित हो चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की और राज्य के सर्वांगीण विकास में केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।



