Google Analytics —— Meta Pixel

भारतमाला परियोजना में मुआवजा घोटाला: जल संसाधन विभाग के दो अधिकारी समेत छह गिरफ्तार

करोड़ों की धोखाधड़ी का पर्दाफाश, फर्जी दस्तावेजों के जरिए दोबारा मुआवजा लेने का आरोप

Bharatmala Project Scam: भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में हुए करोड़ों रुपये के मुआवजा घोटाले (Bharatmala Project Scam) में भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें जल संसाधन विभाग के दो अधिकारी (एक सेवानिवृत्त और एक कार्यरत अमीन) भी शामिल हैं।

यह भी पढ़े :- Chhattisgarh Legislative Assembly: राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर लोक कल्याण को दें प्राथमिकता- राज्यपाल रमेन डेका

कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज

ACB ने अपराध क्रमांक 30/2025 के तहत आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7C, तथा भारतीय दंड संहिता की धाराएं 467, 468, 471, 420 और 120B के तहत मामला दर्ज किया है।

माना जा रहा है कि वर्ष 2020 से 2024 के बीच अभनपुर तहसील से विशाखापट्टनम तक प्रस्तावित इकॉनॉमिक कॉरिडोर के लिए हुए भूमि अधिग्रहण में इस घोटाले को अंजाम दिया गया।

धोखाधड़ी और साजिश का खुलासा

जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत
पहले से अधिग्रहित भूमि को फर्जीवाड़े से दोबारा शासन को बेचने की कोशिश की
वास्तविक ज़मीन मालिक के स्थान पर अन्य लोगों को मुआवजा दिलाने की साजिश रची
भूमि के टुकड़े कर फर्जी उपखंडों के जरिए मुआवजा प्रकरण तैयार किए
शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया

गिरफ्तार आरोपी

  • गोपाल राम वर्मा – सेवानिवृत्त अमीन, जल संसाधन विभाग
  • नरेंद्र कुमार नायक – अमीन, जल संसाधन विभाग
  • खेमराज कोसले
  • पुनुराम देशलहरे
  • भोजराम साहू
  • कुंदन बघेल

इन सभी को रायपुर स्थित विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में पेश किया गया।

फरार अधिकारी भी जांच के घेरे में

सूत्रों के अनुसार, राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी अभी भी फरार हैं, जिनकी भूमिका इस घोटाले में संदिग्ध मानी जा रही है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने

फर्जी बंटवारे और खातों के बटांकन करवाए

भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्रों में हेरफेर किया
किसानों से मोटा कमीशन लेकर दस्तावेज तैयार करवाए

ACB की जांच तेज

भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो ने मामले की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है, और जल्द ही अन्य संलिप्त अधिकारियों और दलालों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। (Bharatmala Project Scam)

Back to top button
error: Content is protected !!