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लिव-इन पार्टनर ने रचा मर्डर प्लान, दिल्ली के UPSC छात्र को एक्स बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर जिंदा जलाया 

Delhi UPSC Student Murder: दिल्ली से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक मासूम सी दिखने वाली लड़की ने अपने ही लिव-इन पार्टनर की बेहद निर्मम तरीके से हत्या कर दी। मामला सिर्फ प्यार और धोखे का नहीं, बल्कि प्लानिंग, बदले और जुनून की ऐसी कहानी है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। गांधी विहार के एक फ्लैट में लगी आग को शुरू में सबने हादसा समझा, लेकिन जब पुलिस ने परत दर परत जांच की तो सामने आया एक ऐसा सच, जहां फॉरेंसिक साइंस पढ़ने वाली छात्रा ने ‘वेब सीरीज’ देखकर परफेक्ट मर्डर प्लान तैयार किया।

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अमृता चौहान नाम की इस लड़की ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड और एक दोस्त के साथ मिलकर UPSC अभ्यर्थी रामकेश मीणा को पहले गला घोंटकर मारा, फिर उसके शरीर पर तेल, घी और शराब डालकर आग के हवाले कर दिया, ताकि सबको लगे कि यह गैस ब्लास्ट की वजह से हुआ हादसा है, लेकिन अमृता यह भूल गई कि सच चाहे जितना भी जलाने की कोशिश की जाए, वह राख से भी बाहर निकल ही आता है और इस बार सच सामने लाया CCTV फुटेज ने, जिसने पूरे प्लान की पोल खोल दी। पुलिस ने मामले में मृतक की 21 साल की लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है। (Delhi UPSC Student Murder )

फॉरेंसिक साइंस में बीएससी कर रही अमृता

अमृता फॉरेंसिक साइंस में बीएससी कर रही छात्रा है और उसी ने इस परफेक्ट मर्डर की प्लानिंग की थी। घटना 6 अक्टूबर की रात की है, जब दिल्ली के गांधी विहार इलाके के ई-60 स्थित चौथी मंजिल पर आग लगने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना पाकर तिमारपुर थाने की टीम और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। आग बुझाने के बाद जब पुलिस अंदर दाखिल हुई तो उन्हें कमरे में एक पूरी तरह जला हुआ शव मिला। शुरुआती जांच में यह मामला गैस सिलेंडर ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट से लगी आग जैसा लगा। शव को हिंदू राव अस्पताल की मॉर्चरी में भेजा गया। बाद में शव की पहचान 32 साल के रामकेश मीणा के रूप में हुई, जो गांधी विहार में रहकर UPSC की तैयारी कर रहा था।

फॉरेंसिक जांच में बढ़े शक ने खोला राज

शुरुआत में पुलिस इसे हादसा मान रही थी, लेकिन जब फॉरेंसिक टीम ने मौके की जांच की तो कुछ बातें संदिग्ध लगी। कमरे में आग से पहले संघर्ष के निशान पाए गए। दरवाजे की जाली हटाई गई थी और अंदर से लॉक किया गया था। इन बारीकियों ने पुलिस को शक में डाल दिया। इसके बाद आसपास की बिल्डिंगों के CCTV फुटेज खंगाले गए। फुटेज में साफ दिखा कि 5 से 6 अक्टूबर की रात करीब 2 बजे दो लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर बिल्डिंग में दाखिल हुए। करीब 39 मिनट बाद एक व्यक्ति बाहर निकलता नजर आया। उसके कुछ मिनट बाद एक लड़की दूसरे युवक के साथ बिल्डिंग से बाहर जाती दिखी। यही लड़की बाद में अमृता चौहान निकली। इन लोगों के बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद बिल्डिंग में तेज धमाका हुआ और आग फैल गई। यह फुटेज देखकर पुलिस को यकीन हो गया कि आग जानबूझकर लगाई गई थी।

रिश्ता जो बना मौत की वजह

जांच में पता चला कि रामकेश मीणा और अमृता पिछले कुछ महीनों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। दोनों की मुलाकात मुरादाबाद में हुई थी, जहां से अमृता फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई कर रही थी। शुरुआती दिनों में रिश्ता ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे तनाव बढ़ने लगा। अमृता का आरोप है कि रामकेश ने उसके कुछ निजी वीडियो और फोटो रिकॉर्ड किए थे। जब उसने उन्हें डिलीट करने की बात कही तो रामकेश ने मना कर दिया और उसे धमकाया कि अगर रिश्ता खत्म किया तो वीडियो वायरल कर देगा। यही बात अमृता को नागवार गुजरी। उसने यह सब अपने एक्स बॉयफ्रेंड सुमित कश्यप को बताया, जो मुरादाबाद में गैस सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूटर का काम करता है।

हत्या के लिए वेब सीरीज से ली प्रेरणा

पुलिस पूछताछ में अमृता ने कबूल किया कि उसने हत्या की पूरी योजना सुमित कश्यप और उसके दोस्त संदीप कुमार के साथ मिलकर बनाई थी। उसने बताया कि उसने कुछ वेब सीरीज देखी थी, जिनसे उसे हत्या को हादसा दिखाने के तरीके का आइडिया मिला। अमृता ने दोनों को दिल्ली बुलाया और बताया कि कैसे वे रामकेश को खत्म कर सकते हैं और सबूत मिटा सकते हैं। 5 और 6 अक्टूबर की दरमियानी रात तीनों गांधी विहार पहुंचे। उन्होंने रामकेश के फ्लैट में प्रवेश किया और झगड़े के बाद उसका गला दबा दिया। इसके बाद तीनों ने शव पर तेल, घी और शराब डाली, ताकि आग तेजी से फैले। सुमित ने सिलिंडर का वॉल्व खोल दिया, ताकि गैस पूरे कमरे में फैल जाए। फिर अमृता ने दरवाजे की जाली हटाकर अंदर से दरवाजा लॉक किया और तीनों बाहर निकल गए। 

लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाली

कुछ ही देर में अंदर तेज विस्फोट हुआ और आग भड़क उठी। बाहर वालों को यह गैस ब्लास्ट जैसा हादसा लगा, जबकि असल में यह एक प्लान्ड मर्डर था। आग की जांच के दौरान पुलिस ने अमृता के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाली। उसकी लोकेशन उसी रात गांधी विहार के आसपास पाई गई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से तीनों की लोकेशन और मूवमेंट ट्रेस की। 18 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की टीम ने अमृता चौहान को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया। उसी के बयान के आधार पर सुमित कश्यप और संदीप कुमार को भी पकड़ा गया। अमृता की निशानदेही पर पुलिस ने उसके ठिकाने से कई अहम सबूत बरामद किए हैं। (Delhi UPSC Student Murder)

पुलिस ने इन सामानों को किया बरामद  

  • मृतक की हार्ड डिस्क 
  • एक ट्रॉली बैग 
  • रामकेश के कपड़े 
  • दो मोबाइल फोन 

भरोसे से धोखे तक की कहानी

पुलिस के मुताबिक हार्ड डिस्क में वही निजी वीडियो और फोटो मौजूद थे, जिनको लेकर विवाद शुरू हुआ था। फॉरेंसिक साइंस पढ़ने की वजह से अमृता को क्राइम सीन और सबूत मिटाने के तरीकों की गहरी समझ थी। उसने पूरी वारदात को इस तरह से अंजाम दिया कि सबको लगे यह एक दुर्घटना है, लेकिन वह यह भूल गई कि आजकल हर गली का कैमरा, हर मोबाइल और हर डिजिटल ट्रेस पुलिस की आंख बन चुका है। CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल डेटा ने उसकी चालाकी का पर्दाफाश कर दिया। नॉर्थ जिले के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि हत्या को आगजनी का रूप देने के लिए यह पूरा प्लान बनाया गया था। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में और कोई शामिल था या किसी ने बाहरी मदद दी थी। दिल्ली की यह वारदात सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं, बल्कि एक टूटी हुई रिश्ते और बदले की भावना की खौफनाक उदाहरण है। प्यार, धोखे और बदले की यह कहानी दिखाती है कि जब रिश्तों में भरोसा खत्म हो जाता है तो इंसान किस हद तक गिर सकता है।

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