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छत्तीसगढ़ में डायरिया और मलेरिया का प्रकोप, एक की मौत, 150 से ज्यादा संक्रमित पाए गए

Diarrhea Malaria in CG: छत्तीसगढ़ में डायरिया और मलेरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इस बीच कवर्धा जिले के कोयलारी गांव में डायरिया बेकाबू हो चुका है। गांव में अब तक 103 से ज्यादा डायरिया के मरीज मिले चुके हैं। वहीं दो लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार सुबह एक 55 साल के शख्स ने दम तोड़ दिया। बता दें कि करीब 10 दिन बाद भी बीमारी नियंत्रण से बाहर है। इससे पहले भी 60 साल की एक बुजुर्ग महिला की मौत हुई थी। स्वास्थ्य विभाग ने बड़े-बड़े डॉक्टर के साथ ही मेडिकल टीम की ड्यूटी लगाई है। कलेक्टर खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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जिला प्रशासन ने गांव के 56 कुओं के पानी की जांच करवाई है, जिसमें से 2 कुएं का पानी दूषित पाया गया। कलेक्टर ने दोनों ही कुएं के पानी के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दिया है, लेकिन डायरिया के मरीज गांव में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दरअसल लोहारा ब्लॉक अंतर्गत कोयलारी गांव में 6 अप्रैल को एक परिवार के 4 लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उप स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया था, लेकिन शाम तक मरीजों की संख्या 15 से 20 पहुंच गई। ज्यादा लोग एक साथ बीमार पड़ता देख स्वस्थ्य विभाग हरकत में आया और मामले की गंभीरता से जांच किया गया। (Diarrhea Malaria in CG)

अस्थाई अस्पताल बनकर मरीजों का इलाज

कलेक्टर खुद मौके पर पहुंचे और गांव के शासकीय स्कूल को अस्थाई अस्पताल बनकर मरीजों को भर्ती किया गया। गंभीर मरीजों को लोहारा स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल भेजा गया। इस दौरान 13 अप्रैल को एक बुजुर्ग महिला बिसाहिन बाई की मौत हो गई। हालांकि डॉक्टर महिला की मौत को डायरिया से नहीं होने का दावा कर रहे हैं। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बताया कि वर्तमान में डायरिया के एक भी मरीज नहीं है, जिस व्यक्ति की मौत हुई है वह डायबिटीज का मरीज था। SDM लगातार गांव में निरीक्षण कर रही है। मैं कोयलारी गांव में जांच के बाद ही मामले को क्लियर बता पाऊंगा। (Diarrhea Malaria in CG)

दुर्ग में भी पैर पसार रहा डायरिया

दुर्ग जिले में भी डायरिया ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। जिले के बोडेगांव में डायरिया के 40 मरीज मिले हैं, जिनमें से 39 लोगों का इलाज घर पर ही किया जा रहा है। जबकि एक गंभीर मरीज को शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। दरअसल, बोडेगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अचानक उल्टी और दस्त की शिकायत के लगभग 40 मामले सामने आए। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, जिन्होंने निरीक्षण किया। (Diarrhea Malaria in CG)

स्वास्थ्य विभाग की टीम हुई एक्टिव

वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम भी एक्टिव हो गई। टीम ने इलाके में जरूरी दवाइयों का वितरण किया। वहीं पेयजल का सैंपल लेकर लैब भेजा गया। गांव में पानी की पाइप लाइन नाली के अंदर से बिछी है, जिसके कारण नाली की गंदगी पाइप लाइन से लीकेज के जरिए पीने के पानी में मिश्रित हो रही है। इस कारण कुछ लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत हो गई। फिलहाल गांव में पाइप लाइन के जरिए सप्लाई को तुरंत बंद कर दिया गया है। वहीं पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए टैंकर और दूसरे साधनों से गांव में पानी पहुंचाया जा रहा है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया है। (Diarrhea Malaria in CG)

गरियाबंद में मलेरिया का प्रकोप

छत्तीसगढ़ में डायरिया के साथ ही मलेरिया के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। गरियाबंद के पहाड़ों में बसे आमामोरा ओढ़ गांव में मलेरिया का प्रकोप बढ़ गया है। गांव में मलेरिया के 8 मरीज मिले हैं, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित मरीजों में 3 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं मलेरिया उन्मूलन अभियान के बावजूद बीहड़ और पहाड़ों में बसे गांव में मलेरिया फैलने से हड़कंप मच गया है। गरियाबंद BMO ने प्रभावित गावों में सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राहत और बचाव के लिए डीडीटी का छिड़काव भी शुरू कर दिया गया है। (Diarrhea Malaria in CG)

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