छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ बड़ी मुहिम, कई जिलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई, करोड़ों की जब्ती

Drug Trade in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ पुलिस और एंटी नारकोटिक्स एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में की गई कार्रवाइयों में गांजा, सिंथेटिक ड्रग्स, प्रतिबंधित नशीली दवाइयां और हथियार बरामद किए गए हैं। इन मामलों में कई अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजा गया है। महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और सिघोंड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 137 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत 68 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है।
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मुखबिर से सूचना मिली थी कि अंगुल से दो कारों में गांजा लेकर अकोला की ओर ले जाया जा रहा है। इसके बाद नेशनल हाईवे-53 पर रेहटीखोल चेक पोस्ट पर नाकाबंदी की गई। जांच के दौरान महाराष्ट्र पासिंग की टोयोटा कार और ओडिशा पासिंग की मारुति सुजुकी ईको को रोका गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि टोयोटा कार गांजे से भरी ईको की पायलटिंग कर रही थी। दोनों वाहनों से एक महिला समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल और 11,400 रुपए नकद भी जब्त किए गए। दोनों वाहन समेत कुल 74 लाख 88 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पांडेय ने बताया कि यह कार्रवाई ओडिशा से महाराष्ट्र तक फैले सप्लाई चेन को तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता है। (Drug Trade in Chhattisgarh)
दुर्ग में गांजा, चिट्टा और नशीली टैबलेट की तस्करी
दुर्ग जिले में भी पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सुपेला थाना क्षेत्र में पुलिस ने प्रकाश ध्रुव नाम के युवक को फरीदनगर स्थित शासकीय स्कूल के पीछे गांजा बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ा। उसके पास से 1 किलो 140 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 55 हजार रुपए बताई गई है। आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया। वहीं छावनी थाना क्षेत्र में पुलिस ने 6.89 ग्राम सिंथेटिक हीरोइन (चिट्टा) के साथ 4 युवकों को गिरफ्तार किया। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 1 लाख 48 हजार 500 रुपए आंकी गई है। इसके अलावा प्रतिबंधित नशीली दवा अल्प्राजोलम बेचने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 1650 पत्ते टेबलेट जब्त किए गए, जिनकी कीमत करीब 6 लाख 80 हजार रुपए बताई गई है। दोनों आरोपी बिहार से दवाइयां लाकर सप्लाई कर रहे थे।
रायपुर में एमडी ड्रग्स, डोडा और हाईटेक गांजा
पुलिस प्रवक्ता मणि शंकर चंद्रा के अनुसार सभी मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। रायपुर में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और न्यू राजेंद्र नगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए राजस्थान के एक अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 8 ग्राम एमडी ड्रग्स, 531 ग्राम डोडा फल और 16 ग्राम डोडा पाउडर जब्त किया गया। साथ ही 2 मोबाइल और 1600 रुपए नकद बरामद हुए। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपए है। वहीं डीसीपी सेंट्रल जोन के निर्देशन में सिटी कोतवाली पुलिस ने नेहरू नगर, नरैय्या तालाब क्षेत्र में दबिश देकर सीसीटीवी और मोशन सेंसर से लैस गांजा पैकिंग हाइडआउट का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने 7.397 किलो गांजा जब्त कर अब्दुल जाफर (32) और सुनील जगत (28) को गिरफ्तार किया। जब्त गांजे की कीमत लगभग 85 हजार रुपए है। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए हाईटेक सुरक्षा उपकरण लगा रखे थे।
विधानसभा में गूंजा नशे का मुद्दा
जगदलपुर से सटे आड़ावाल गांव में बस्तर पुलिस ने घेराबंदी कर दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपी नबरंगपुर से गांजा लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-63 के रास्ते जगदलपुर आ रहे थे। वाहन की तलाशी में 42 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत 21 लाख 21 हजार रुपए आंकी गई है। साथ ही एक देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने नशे के बढ़ते कारोबार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशे से स्कूली बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं और इसका दुष्प्रभाव प्रदेश के भविष्य पर पड़ रहा है। मामले में गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है। (Drug Trade in Chhattisgarh)
विपक्ष ने की धरातल पर सख्ती बढ़ाने की मांग
उन्होंने बताया कि 2023 में 8,900 किलो गांजा नष्ट किया गया। 2024 में 24,000 किलो गांजा नष्ट किया गया। 2025 में 64,000 किलो मादक पदार्थ नष्ट किए गए। 16 मामलों में प्रॉपर्टी अटैच की गई। NDPS मामलों के लिए 1933 टोल फ्री नंबर संचालित है। सरकार का दावा है कि नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, वहीं विपक्ष ने धरातल पर सख्ती बढ़ाने की मांग की है। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ कार्रवाई जारी है। अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क पर प्रहार, बड़ी मात्रा में जब्ती और लगातार गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस चुनौती से निपटने के लिए सक्रिय हैं। हालांकि विधानसभा में उठे सवाल यह भी दर्शाते हैं कि इस मुद्दे पर सामाजिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सतत प्रयास की आवश्यकता बनी हुई है।



