Breaking News : ‘लाल आतंक’ पर आखिरी प्रहार! मोस्ट वांटेड नक्सली हिड़मा ढेर
छत्तीसगढ़–आंध्र सीमा पर सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, 6 नक्सली मार गिराए
बस्तर। नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों ने अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्षों से सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना मोस्ट वांटेड और खूंखार नक्सली माड़वी हिड़मा सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीताराम राजू जिले में छत्तीसगढ़–तेलंगाना–आंध्र प्रदेश की सीमा के नजदीक की गई। मुठभेड़ में हिड़मा सहित 5 अन्य नक्सली भी मारे गए।
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हिड़मा की मौत: नक्सली संगठन को बड़ा झटका
हिड़मा नक्सल संगठन का सबसे खतरनाक कमांडर माना जाता था। वह कई बड़े हमलों, घात लगाकर किए गए हमलों और सुरक्षा बलों पर नरसंहार जैसी वारदातों का मास्टरमाइंड था। उसकी मौत को नक्सलियों की शीर्ष कमांड संरचना पर गहरा प्रहार माना जा रहा है।
खुफिया सूचना पर संयुक्त ऑपरेशन
सूचना मिली थी कि दंतेवाड़ा–सुकमा सीमा से लगे आंध्र प्रदेश के घने जंगलों में बड़ी संख्या में नक्सली छिपे हुए हैं। इसके बाद ग्रेहाउंड कमांडो, आंध्र पुलिस और छत्तीसगढ़ बलों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया।
घने जंगलों में घंटों चली मुठभेड़
सर्चिंग के दौरान नक्सलियों ने पहले फायरिंग की, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। इसमें 6 नक्सली ढेर कर दिए गए। घटनास्थल से हथियारों का जखीरा और भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद हुई है।
SZCM टेक शंकर के मारे जाने की भी आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में बड़े कैडर के सदस्य शामिल हैं। इनमें सब जोनल कमेटी मेंबर (SZCM) टेक शंकर के मारे जाने की भी खबर है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
सीमा क्षेत्र हाई अलर्ट पर
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। वहीं छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है।
गृहमंत्री विजय शर्मा की प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल मोर्चे पर योजनाबद्ध तरीके से लगातार कार्रवाई चल रही है। उन्होंने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने और पुनर्वास योजना का लाभ उठाने की अपील की। गृहमंत्री ने बताया कि पुनर्वासित नक्सली भी जेल में बंद अपने साथियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि जेल में बंद नक्सलियों के लिए भी पुनर्वास की रणनीति पर काम किया जाए।



