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छत्तीसगढ़ में फूड पॉइजनिंग का कहर, जांजगीर में एक बच्चे की मौत, दुर्ग में 25 लोग बीमार

Food Poisoning in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में फूड पॉइजनिंग के दो अलग-अलग मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जांजगीर-चांपा जिले में एक ही परिवार के चार बच्चों की तबीयत बिगड़ने से एक बच्चे की मौत हो गई, वहीं दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक में चाट-गुपचुप खाने के बाद करीब 25 लोग उल्टी-दस्त की चपेट में आ गए। दोनों मामलों में स्वास्थ्य विभाग जांच में जुट गया है। जांजगीर-चांपा जिले के धुरकोट गांव में फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि एक ही परिवार के चार बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी की शिकायत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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इलाज के दौरान 15 साल के अखिलेश धीवर की मौत हो गई, जबकि हितेश धीवर (12 साल), पिंटू धीवर (18 साल) और श्री धीवर (4 साल) का इलाज जारी है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव में दहशत का माहौल है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बच्चों ने रविवार शाम तरबूज खाया था। इसके बाद रात में चिकन खाया था। इसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है। डॉक्टर फूड सैंपल और बीमारी के कारणों की जांच में जुटे हैं, ताकि फूड पॉइजनिंग की असली वजह सामने आ सके।

दुर्ग के बेलौदी गांव में 25 लोग बीमार

इधर, दुर्ग जिले के पाटन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बेलौदी में साप्ताहिक बाजार के दौरान चाट और गुपचुप खाने के बाद करीब 25 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। देर रात लोगों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिसके बाद सभी को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार बेलौदी गांव में साप्ताहिक बाजार लगा था, जहां ग्रामीणों ने खरीदारी के साथ बाजार में लगे ठेलों से चाट और गुपचुप खाया। कुछ ही घंटों बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। मरीजों की संख्या बढ़कर 25 तक पहुंच गई, जिसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और प्रभावित लोगों की जांच शुरू की। मितानिनों की टीम ने गांव में घर-घर सर्वे कर मरीजों की पहचान की और तत्काल उपचार उपलब्ध कराया। (Food Poisoning in Chhattisgarh)

गंभीर मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गाड़ाडीह और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। साथ ही खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच की जा रही है, ताकि बीमारी की असली वजह का पता लगाया जा सके। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने खानपान की गुणवत्ता और बाजारों में बिक रहे खाद्य पदार्थों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जांजगीर-चांपा में एक मासूम की मौत ने जहां परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, वहीं दुर्ग में एक साथ 25 लोगों के बीमार पड़ने से प्रशासनिक सतर्कता भी बढ़ गई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इन घटनाओं की असली वजह सामने आ सके।

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