सरगुजा में दरिंदगी, शादी से लौट रही 2 नाबालिगों से गैंगरेप, 4 नाबालिग समेत 8 आरोपी गिरफ्तार

Gang Rape in Surguja: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां सीतापुर थाना क्षेत्र में शादी समारोह से लौट रही चार नाबालिग लड़कियों को घेरकर 12 युवकों ने अपहरण का प्रयास किया। इसके बाद दो छात्राओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया, जिसके बाद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई और मेडिकल रिपोर्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के मुताबिक 24 अप्रैल की रात चार सहेलियां एक शादी समारोह से लौट रही थी। इसी दौरान 5-6 बाइक पर सवार करीब 12 युवकों ने उन्हें हाईस्कूल के पास घेर लिया।
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दो लड़कियां किसी तरह भागने में सफल रही, एक नाबालिग मौके से भाग निकली। वहीं 13 साल की लड़की को जबरन बाइक पर बैठाया, लेकिन वह चलती बाइक से कूद गई और खेतों के रास्ते भाग निकली। आरोपियों ने करीब 2 किलोमीटर तक उसका पीछा भी किया, लेकिन वह हाथ नहीं आई। इसके बाद दरिंदों ने बाकी बची दो नाबालिगों को पकड़ लिया और उन्हें जबरन अलग-अलग जगहों पर ले गए, जहां उनके साथ दुष्कर्म किया। एक पीड़िता को खेत में ले जाकर 4 युवकों ने गैंगरेप किया। जबकि दूसरी पीड़िता के साथ हाईस्कूल मैदान के पास 3 युवकों ने दुष्कर्म किया। दोनों पीड़िताओं की उम्र 15 साल से कम है। पीड़िताएं रात करीब 2 बजे डरी-सहमी घर पहुंची। (Gang Rape in Surguja)

पीड़िताओं ने 25 अप्रैल को परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद वे थाने पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज करने के बजाय उन्हें अगले दिन आने को कह दिया। मेडिकल रिपोर्ट में भी विरोधाभास सामने आया। सबसे पहले सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल कराया गया, जहां डॉक्टरों ने एक पीड़िता के साथ रेप की पुष्टि नहीं की। फिर परिजनों की शिकायत और भारी दबाव के बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में दोबारा मेडिकल परीक्षण हुआ, जिसमें दोनों नाबालिगों के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हो गई। मेडिकल रिपोर्ट में इस बड़े अंतर को देखते हुए CMHO ने सीतापुर के संबंधित डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
अब तक 8 गिरफ्तार, CWC दर्ज करेगी बयान
जिला पंचायत सदस्य रतनी नाग ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी। दबाव बढ़ने पर 26 अप्रैल को पहली FIR दर्ज की गई, वो भी सिर्फ एक पीड़िता के पक्ष में। इसके लिए सीतापुर के पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। एएसपी अमोलक सिंह के मुताबिक पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनमें से 4 नाबालिग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आनंद बेक (27), विकास उर्फ राहुल तिग्गा (24) और मनीष खलखो उर्फ आभीस के रूप में हुई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा बाल कल्याण समिति (CWC) गवर्नमेंट काउंसलर की मौजूदगी में पीड़िताओं के बयान दर्ज करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस चार्जशीट में और भी कड़ी धाराएं जोड़ सकती है। इस घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
घटना ने पकड़ा राजनीतिक तूल
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने सरकार और पुलिस व्यवस्था को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इसे दुखद, पीड़ादायक और शर्मनाक बताते हुए कहा कि पीड़ितों को एफआईआर दर्ज कराने के लिए संघर्ष करना पड़ा, जो शर्मनाक है। उन्होंने आरोपियों पर सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि सभी पीड़ित लड़कियां विशेष पिछड़ी जनजाति से आती हैं, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश है। पुलिस अभी भी फरार अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। सरगुजा की यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाती है। मेडिकल रिपोर्ट में विरोधाभास, FIR में देरी और पुलिस पर लगे आरोप इस मामले को और गंभीर बना देते हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई CWC की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। (Gang Rape in Surguja)



