Google Analytics —— Meta Pixel

गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी में छात्र की मौत से सनसनी, पिता बोले- लापरवाही ने ले ली मेरे बेटे की जान

Guru Ghasidas University: बिलासपुर में स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, यूनिवर्सिटी परिसर के तालाब में 23 अक्टूबर को एक छात्र का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान बीएससी फिजिक्स के पांचवें सेमेस्टर के छात्र अर्सलान अंसारी के रूप में हुई है, जो बिहार के छपरा का रहने वाला था। अर्सलान 21 अक्टूबर से लापता था। छात्र के परिजनों ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन और हॉस्टल वार्डन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस ने कहा है कि प्रारंभिक जांच में डूबने से मौत की संभावना है, लेकिन हत्या की आशंका को भी नकारा नहीं गया है।

यह भी पढ़ें:- बंगाल की खाड़ी से उठा तूफान, छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी

जानकारी के मुताबिक 21 अक्टूबर की रात से अर्सलान हॉस्टल से गायब था। यूनिवर्सिटी के स्वामी विवेकानंद हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर जांचने पर पता चला कि छात्र कई दिनों से हॉस्टल नहीं लौटा। 23 अक्टूबर को विश्वविद्यालय परिसर के यूटीडी ब्लॉक के पास तालाब में एक अज्ञात युवक का शव मिला। पुलिस ने शव को सिम्स मरच्यूरी में रखवाया, क्योंकि उस समय पहचान नहीं हो पाई थी। छात्रों को शक था कि शव अर्सलान का ही है। बाद में पिता अर्शद अयूब बिहार से बिलासपुर पहुंचे और कपड़ों के आधार पर बेटे की पहचान की। (Guru Ghasidas University)

यूनिवर्सिटी प्रबंधन की लापरवाही से हुई मौत: पिता

अर्सलान के पिता अर्शद अयूब ने बेटे की मौत के लिए यूनिवर्सिटी प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि मैंने बेटे के गायब होने की जानकारी दी थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगर समय पर खोजबीन होती तो अर्सलान जिंदा होता। प्रबंधन और पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के अधिकारी उन्हें मामले से दूर रखने की कोशिश कर रहे थे। अयूब ने कहा कि जब मैं बिलासपुर पहुंचा तो पुलिस और अधिकारी मुझे यहां से जल्दी भेजना चाहते थे। यूनिवर्सिटी ने कोई सहयोग नहीं किया।

अर्शद अयूब ने कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल, कुलसचिव प्रो. ए.एस. रणदीवे, चीफ वार्डन प्रो. प्रतिभा जे. मिश्रा, प्रबंधनिक वार्डन डॉ. महेश सिंह ढपोला, सुरक्षा अधिकारी डॉ. सीमा राय, प्रॉक्टर डॉ. एम.के. सिंह और डीएसडब्ल्यू डॉ. शैलेंद्र कुमार पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में कोनी थाना प्रभारी को लिखित शिकायत भी सौंपी है। अर्सलान के छोटे भाई गौहर अंसारी ने बताया कि यूनिवर्सिटी पहुंचने पर उन्हें हॉस्टल में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं अपने भाई का कमरा नंबर 45 देखना चाहता था, लेकिन वार्डन ने मना कर दिया। दोस्तों से मिलने भी नहीं दिया गया। अगर अर्सलान चार दिन से गायब था तो वार्डन को इसकी खबर क्यों नहीं थी ? यह सीधी लापरवाही है।

गौहर का कहना है कि उन्हें प्रबंधन से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सिम्स हॉस्पिटल में शव का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों ने बताया कि शव 5 से 6 दिन पुराना था। शव लंबे समय तक पानी में रहने के कारण सड़ चुका था, लेकिन सिर की हड्डी पर चोट के निशान और लालिमा जरूर थी। डॉक्टरों ने कहा कि यह चोट तालाब में पत्थर से टकराने से भी हो सकती है, लेकिन हत्या की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है। बिसरा जांच के लिए नमूने सुरक्षित रखे गए हैं। (Guru Ghasidas University)

छात्र संगठनों में उबाल

मामले के सामने आने के बाद छात्र संगठनों में आक्रोश है। ABVP के प्रतिनिधिमंडल ने 25 अक्टूबर को एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की। ABVP ने कहा कि जब एक छात्र की यूनिवर्सिटी परिसर में मौत हो गई, तब भी प्रबंधन ने 24 घंटे के अंदर सम्मान समारोह आयोजित किया। यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। यूनिवर्सिटी मीडिया सेल प्रभारी डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि छात्र के पिता ने शव की पहचान कर ली है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने पोस्टमॉर्टम के बाद दो वाहनों से शव को बिहार भेजने की व्यवस्था की।
सिटी कोतवाली सीएसपी गगन कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में डूबने से मौत की आशंका जताई गई है। उन्होंने कहा कि सिर पर चोट के निशान की जानकारी नहीं मिली है। छात्र के पिता के आरोपों की जांच की जा रही है। अगर कुछ भी संदिग्ध पाया गया तो एफआईआर दर्ज की जाएगी। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। एक छात्र की लाश यूनिवर्सिटी परिसर से मिली और अगले दिन समारोह किया गया। यह छात्रों के प्रति असंवेदनशीलता दिखाता है। (Guru Ghasidas University)

एक नजर में पूरा घटनाक्रम

  • 18 अक्टूबर को अर्सलान ने परिवार से आखिरी बार बात की।
  • 21 अक्टूबर को अर्सलान हॉस्टल से लापता हुआ।
  • 23 अक्टूबर को तालाब में अज्ञात शव मिला।
  • 24 अक्टूबर को शव की पहचान नहीं हुई, सिम्स मरच्यूरी में रखा गया।
  • 25 अक्टूबर को पिता पहुंचे, कपड़ों से पहचान की।
  • 26 अक्टूबर को परिवार ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
  • 27 अक्टूबर को पुलिस और जांच समिति ने जांच शुरू की।

अब जांच के घेरे में मामला

पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, जैसे क्या यह आत्महत्या, दुर्घटना या हत्या थी ?, हॉस्टल प्रबंधन ने लापरवाही क्यों की ? क्या छात्र पर किसी तरह का मानसिक या शैक्षणिक दबाव था ? इन सवालों के जवाब आने वाली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट से मिल सकते हैं। गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी में छात्र की मौत ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों और छात्रों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी छात्र की जान लापरवाही के कारण न जाए। (Guru Ghasidas University)

Back to top button
error: Content is protected !!