छत्तीसगढ़ में गुरू पूर्णिमा के दिन सभी स्कूलों में होगा कार्यक्रम का आयोजन, गुरूजनों और शिक्षकों का होगा सम्मान
Guru Purnima 2024: छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में 22 जुलाई को गुरू पूर्णिमा के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में मंत्री परिषद की बैठक में गुरू पूर्णिमा उत्सव के आयोजन के संबंध में निर्देश दिए, जिसे लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों और शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को जारी निर्देश के अनुसार विद्यालयों में 22 जुलाई को गुरू पूर्णिमा उत्सव का गरिमामय आयोजन साधु-संतों, गुरूजनों, शिक्षकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और पूर्व छात्राओं समेत गणमान्य लोगों की मौजूदगी में होगा।
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इस दौरान सरस्वती वंदना, गुरूवंदना, दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही गुरूजनों और शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। प्रार्थनासभा के बाद प्रार्थना स्थल पर गुरू पूर्णिमा के महत्व और पारंपरिक गुरू शिष्य संस्कृति पर शिक्षकों का व्याख्यान होगा। इस आयोजन के दौरान प्राचीन काल में प्रचलित गुरूकुल व्यवस्था और उसका भारतीय संस्कृति पर प्रभाव विषय पर निबंध लेखन शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा गुरू संस्मरण पर संभाषण भी होगा। भारतीय संस्कृति में गुरू को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। गुरू पूर्णिमा के दिन गुरु की पूजा करने की परंपरा है। गुरु का महत्व भगवान से भी ज्यादा माना गया है। इसलिए श्रीराम, श्रीकृष्ण और हनुमान जी ने भी गुरु से ही ज्ञान हासिल किया था। (Guru Purnima 2024)
सूर्य देव थे भगवान हनुमान के गुरू
श्रीराम के गुरु वशिष्ठ मुनि और विश्वामित्र थे। श्रीकृष्ण ने उज्जैन में सांदीपनि ऋषि से ज्ञान हासिल किया था। हनुमान जी ने सूर्यदेव को गुरु बनाया था। गुरु की बताई गई शिक्षा को जीवन में उतारने से हमें परेशानियों से लड़ने का और उन्हें दूर करने का साहस मिलता है। शास्त्रों के मुताबिक हनुमान जी जब शिक्षा ग्रहण करने के योग्य हुए तो उनकी माता अंजनी और पिता केसरी ने उन्हें सूर्य देव के पास भेज दिया। हनुमान जी ने सूर्य देव से निवेदन किया कि वे उनके गुरु बनें और सभी वेदों का ज्ञान दें। सूर्य देव ने हनुमान जी से कहा कि मैं तो एक पल के लिए भी नहीं रुक सकता। मुझे लगातार चलते रहने होता है। मैं हमेशा रथ पर रहता हूं, ऐसे में मैं तुम्हें ज्ञान नहीं दे सकता हूं। (Guru Purnima 2024)
गुरुओं की पूजा करने का पर्व
सूर्य देव की बातें सुनकर हनुमान जी बोले कि आपको कहीं रुकने की जरूरत नहीं है। मैं तो आपके साथ चलते-चलते ही ज्ञान हासिल कर लूंगा। मुझे शास्त्रों का ज्ञान देते जाइए, मैं इसी अवस्था में आपके साथ आपसे सारी बातें समझ लूंगा। हनुमान जी को इस तरह से ज्ञान देने के लिए सूर्य देव मान गए। कहा जाता है कि सूर्य देव ने हनुमान जी को चलते-चलते ही सारे वेदों का ज्ञान दिया। इस तरह सूर्य देव की कृपा से ही हनुमान जी को ज्ञान प्राप्त हुआ। गुरुओं की पूजा करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। (Guru Purnima 2024)



