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छत्तीसगढ़ में ISIS की घुसपैठ की कोशिश उजागर, दो नाबालिग ‘सुसाइड बॉम्बर’ बनने को थे तैयार

त्योहार पर हमले की साजिश, ATS की पहली बड़ी कार्रवाई

ISIS Infiltration in Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में आतंकवाद का बड़ा खतरा टल गया है। आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर और भिलाई के दो नाबालिग किशोरों को गिरफ्तार किया है। दोनों पाकिस्तानी ISIS मॉड्यूल के संपर्क में थे और त्योहार के दौरान बड़े हमले की तैयारी कर रहे थे।

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सोशल मीडिया के जरिए फंसाए गए किशोर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तानी हैंडलर्स इंस्टाग्राम के फर्जी अकाउंट और ग्रुप चैट के जरिए भारतीय किशोरों को जिहादी विचारधारा की ओर धकेल रहे थे। इसी जाल में रायपुर का 16 वर्षीय और भिलाई का 15 वर्षीय किशोर फंस गया।
ATS पिछले करीब डेढ़ साल से इनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

मोबाइल और लैपटॉप से मिले कट्टरपंथी साक्ष्य

जांच में दोनों किशोरों के मोबाइल और लैपटॉप से कट्टरपंथ फैलाने वाले वीडियो, चैट और संदेश मिले हैं।
ATS के मुताबिक दोनों आतंकी हैंडलर्स से सीधे संपर्क में थे और त्योहार के दौरान बड़े धमाके की योजना भी उनकी चैट में मिली है।

सूत्रों के अनुसार दोनों का ब्रेनवॉश इतना हो चुका था कि वे सुसाइड बॉम्बर बनने को भी तैयार हो गए थे।

ATS थाना बनने के बाद पहली FIR

ATS ने UAPA अधिनियम 1967 के तहत अपनी पहली स्वतंत्र FIR दर्ज की है। पहले ऐसे मामलों में स्थानीय थानों के माध्यम से कार्रवाई होती थी, लेकिन अब ATS सीधे कार्रवाई कर रही है। दोनों आरोपियों को मंगलवार को बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से ATS ने रिमांड लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

ADG गुप्तवार्ता का बयान

एडीजी गुप्तवार्ता अमित कुमार ने बताया कि तकनीकी जांच में दोनों के ISIS नेटवर्क से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। उनसे विस्तृत पूछताछ जारी है।

किशोरों की पृष्ठभूमि

  • रायपुर का किशोर छात्र है, पिता फोर्स में पदस्थ 
  • भिलाई का किशोर ऑटो चालक का बेटा
  • दोनों पिछले तीन साल से ISIS से जुड़े वीडियो देख रहे थे और खुद भी भड़काऊ कंटेंट वायरल करते थे।

ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक

ATS की जांच में सामने आया कि दोनों ने छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण स्थानों, ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी लोकेशनों और नक्शों को पाकिस्तान भेजा। मोबाइल से त्योहारों में विस्फोट करने के निर्देश भी बरामद हुए हैं।

सोशल मीडिया पर 2000 से ज्यादा IDs की जांच

दोनों नाबालिग इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर फर्जी IDs बनाकर जिहादी वीडियो और मैसेज वायरल कर रहे थे।
ATS ने करीब 2000 से अधिक संदिग्ध अकाउंट स्कैन किए हैं।

पाकिस्तान से आए वीडियो और गेम के जरिए ब्रेनवॉश

जांच में पाया गया कि पाक हैंडलर्स ने ऑनलाइन गेम के जरिए बच्चों से संपर्क बढ़ाया और उन्हें धीरे-धीरे कट्टरपंथ की ओर धकेला। मोबाइल से ऐसे कई गेम मिले हैं जिनका इस्तेमाल मानसिक तौर पर प्रभावित करने के लिए किया जाता है। (ISIS Infiltration in Chhattisgarh)

पूर्व स्पेशल DGP का सवाल: कोई और भी हो सकता है मास्टरमाइंड

रिटायर्ड स्पेशल डीजी अन्वेष मंगलम ने कहा कि बच्चों का इतना गहरा ब्रेनवॉश 3-4 साल में होता है, इसलिए संभव है कि इनके पीछे कोई और बड़ा नेटवर्क हो।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि

  • बच्चों को महंगे मोबाइल-लैपटॉप किसने दिए?
  • इनके लिए खर्च कौन उठा रहा था?
  • क्या उपकरण का उपयोग वास्तव में कोई और कर रहा था?

आगे और भी सख्त कार्रवाई की तैयारी

ATS ने संकेत दिया है कि देश विरोधी तत्वों के स्थानीय संपर्कों की तलाश जारी है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में और भी बड़ी कार्रवाइयाँ हो सकती हैं। (ISIS Infiltration in Chhattisgarh)

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