Mahasamusnd LPG Scam : एलपीजी घोटाले में बड़ा एक्शन: खाद्य अधिकारी समेत 3 गिरफ्तार, 1.5 करोड़ की गैस कालाबाजारी बेनकाब
Mahasamusnd LPG Scam : महासमुंद के थाना सिंघोड़ा क्षेत्र में जब्त किए गए एलपीजी कैप्सूल से करीब 1.5 करोड़ रुपये की गैस की अवैध निकासी और बिक्री के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में खाद्य अधिकारी अजय कुमार यादव, गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर और रायपुर निवासी मनीष चौधरी को गिरफ्तार किया गया है।
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6 कैप्सूल से 92 टन गैस गायब
पुलिस जांच में सामने आया कि सुपुर्दनामे पर दिए गए छह एलपीजी कैप्सूल से लगभग 92 मीट्रिक टन गैस की अवैध निकासी की गई। ये कैप्सूल पहले थाना सिंघोड़ा में जब्त किए गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित रखरखाव के लिए ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सुपुर्द किया गया था। (Mahasamusnd LPG Scam)
80 लाख रुपये में हुई थी डील
जांच के मुताबिक, खाद्य अधिकारी अजय यादव और पंकज चंद्राकर ने रायपुर निवासी मनीष चौधरी के साथ मिलकर पूरे गबन की साजिश रची। आरोपियों ने ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के साथ करीब 80 लाख रुपये में गैस की अवैध बिक्री की डील तय की थी।
सूत्रों के अनुसार, कैप्सूल में मौजूद गैस की मात्रा का आकलन करने के बाद ही इस योजना को अंतिम रूप दिया गया।
रकम का ऐसे हुआ बंटवारा
पुलिस जांच में आरोपियों के बीच रकम के बंटवारे का भी खुलासा हुआ है—
खाद्य अधिकारी अजय यादव को लगभग 50 लाख रुपये
पंकज चंद्राकर को करीब 20 लाख रुपये
मनीष चौधरी को लगभग 10 लाख रुपये
बताया जा रहा है कि बाकी रकम का लेन-देन नकद और बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए किया गया।
फर्जी पंचनामा और कूटरचित दस्तावेज
जांच में यह भी सामने आया कि गैस की मात्रा और कैप्सूल के वजन को लेकर फर्जी पंचनामा तैयार किया गया। वास्तविक रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर कलेक्टोरेट में गलत दस्तावेज जमा किए गए थे।
मार्च में रची गई साजिश
पुलिस के अनुसार, पूरे षड्यंत्र की शुरुआत 23 मार्च को हुई थी। आरोपियों ने गैस कैप्सूल की सुपुर्दगी प्रक्रिया को अवैध कमाई का जरिया बनाने की योजना बनाई थी।
इसके बाद 26 मार्च को आरोपियों ने सिंघोड़ा थाना पहुंचकर गैस की वास्तविक मात्रा का आकलन किया और उसी आधार पर सौदा तय किया गया।
15 दिन की जांच में खुलासा
करीब 40 सदस्यीय पुलिस टीम ने 15 दिनों तक बैंक ट्रांजैक्शन, सीडीआर डेटा और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मामले की जांच की। जांच के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक न्यास भंग, आपराधिक षड्यंत्र, कूटरचना और शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता। मामले में जुड़े अन्य बैंक खातों और एजेंसियों की जांच जारी है। (Mahasamusnd LPG Scam)



