Nag Panchami: नागपंचमी आज, जानें इसका महत्त्व और पूजा विधि

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रायपुर। छत्तीसगढ़

आज देशभर में विभिन्न शहरों में नागपंचमी की पूजा की जाएगी। नागपंचमी सावन में आने वाले प्रमुख दिनों में से ही एक दिन है। सावन मास की शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि पर विशेष संयोग बना है। शुक्रवार को हस्त नक्षत्र और अमृत योग में नागपंचमी पर्व का उत्सव मनेगा। सुबह शिवालयों में भगवान शिव का अभिषेक और घर-घर नीलकंठेश्वर भगवान के सबसे प्रिय गण नागदेवता की पूजा होगी।

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नाग पंचमी का महत्व

राजस्थान और गुजरात के स्थानों में, नाग पंचमी को उसी महीने के अंधेरे आधे (कृष्ण पक्ष) को भी चिह्नित किया जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार इस दिन नागों की पूजा करना शुभ माना जाता है, जिससे जीवन में अच्छी चीजें आती हैं। इसके अलावा, ब्राह्मणों को खाना खिलाना अच्छा माना जाता है।

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नाग पंचमी के अनुष्ठान

महिलाएं नाग देवता की पूजा करती हैं और नागों को दूध चढ़ाती हैं। यह नाग देवताओं को दूध चढ़ाने का प्रतीक है। महिलाएं अपने भाइयों और परिवार के सदस्यों की भलाई के लिए प्रार्थना करती हैं। इस दिन 12 नाग देवताओं की पूजा की जाती है जो बहुत शुभ माना जाता है।

नाग पंचमी पूजा :

कई महिलाएं नाग पंचमी के त्योहार से एक दिन पहले उपवास रखती हैं। कुछ तो वास्तविक दिन का उपवास भी रखते हैं। नाग देवता या भगवान शिव को दूध या खीर का भोग लगाएं।

ऐसे भोजन का सेवन करने से बचें जिसमें नमक हो।

हल्दी और कुमकुम को सांप के बिल पर लगाएं और फूल चढ़ाएं।

फिर नाग देवताओं से आशीर्वाद लेने के लिए नाग पंचमी पूजा मंत्र का जाप करें।

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