सभी राजनितिक अफवाहों पर विराम लगते हुए पूर्व IAS मिश्रा ने थामा भाजपा का हाथ

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रायपुर। छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कैडर 1994 के पूर्व IAS गणेश शंकर मिश्रा से सारी राजनितिक अफवाहों पर विराम लगाते हुए गुरुवार को भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें भाजपा का गमछा पहनाकर पार्टी में शामिल किया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, बिलासपुर सांसद अरूण साव, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय और संगठन महामंत्री पवन साय मौजूद थे।

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जानकारी के मुताबिक सेवानिवृत्त होने के बाद मिश्रा लगातार भाजपा के आला नेताओं के संपर्क में थे। उन्हें भाजपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की गुड बुक का अधिकारी माना जाता था। साल 2018 विधानसभा चुनाव में ही उनके चुनाव लडऩे की अटकलें थी। उधर, धरसींवा और बलौदाबाजार क्षेत्र में मिश्रा की पकड़ मानी जाती है।

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बता दें कि पूर्व आईएएस गणेश शंकर मिश्रा के बीजेपी में शामिल होने की चर्चा पिछले कई दिनों से रायपुर के राजनीतिक गलियारों में हो रही थी। बुधवार को उनकी बाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी से मुलाकात की ख़बरें आईं। इसके बाद इस बात की चर्चा तेज़ हो गई। एक दिन बाद ही वे पार्टी में शामिल हो गए।

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सूत्रों` के मुताबिक उन्हें विधानसभा चुनाव 2023 में टिकट मिलने का आश्वासन भी मिला है। वे लंबे समय तक राजनांदगांव कलेक्टर रहे। शराबबंदी, महिला उत्थान और पर्यावरण समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करके उन्होंने अपनी पहचान बनाई थी। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. विद्याचरण शुक्ल के निजी सचिव रहे। उन्हें सेवानिवृत्त होने के बाद राज्य सहकारिता निर्वाचन आयोग का आयुक्त भी बनाया गया था। पार्टी सूत्रों के मुताबिक वे केंद्रीय पर्यावरण बोर्ड में शामिल हो सकते हैं। मिश्रा के पिता पंडित लखन मिश्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।

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