महिला आरक्षण बिल आज राज्यसभा में होगा पेश, राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद बन जाएगा कानून

Nari Shakti Vandan Bill: संसद के विशेष सत्र के तीसरे दिन लोकसभा में महिला आरक्षण बिल यानी नारी शक्ति वंदन विधेयक पास हो गया है, जिसे आज (21 सितंबर) राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा से पास होने के बाद बिल राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए जाएगा। वहीं राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। नई संसद में कामकाज के पहले दिन (19 सितंबर) को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश किया गया था। इस बिल के मुताबिक लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% रिजर्वेशन लागू किया जाएगा।

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बिल पास होने से लोकसभा की 543 सीटों में से 181 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। ये रिजर्वेशन 15 साल तक रहेगा। इसके बाद संसद चाहे तो इसकी अवधि बढ़ा सकती है। यह आरक्षण सीधे चुने जाने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए लागू होगा। यानी यह राज्यसभा और राज्यों की विधान परिषदों पर लागू नहीं होगा। नए विधेयक में सबसे बड़ा पेंच यह है कि यह परिसीमन के बाद ही लागू होगा। परिसीमन इस विधेयक के पास होने के बाद होने वाली जनगणना के आधार पर होगा। 2024 में होने वाले आम चुनावों से पहले जनगणना और परिसीमन करीब-करीब असंभव है। (Nari Shakti Vandan Bill)

OBC आरक्षण के बिना बिल अधूरा: राहुल गांधी

इस फॉर्मूले के मुताबिक विधानसभा और लोकसभा चुनाव समय पर हुए तो इस बार महिला आरक्षण लागू नहीं होगा। यह 2029 के लोकसभा चुनाव या इससे पहले के कुछ विधानसभा चुनावों से लागू हो सकता है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि OBC आरक्षण के बिना यह बिल अधूरा है। जबकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह आरक्षण सामान्य, SC और ST में समान रूप से लागू होगा। वहीं RJD, JDU, SP और BSP समेत कई विपक्षी पार्टियों ने भी OBC महिलाओं के लिए सीट आरक्षित करने की मांग की है। भाजपा नेता उमा भारती और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी OBC महिलाओं के लिए भी कोटा तय करने की मांग की है। (Nari Shakti Vandan Bill)

बिल एंटी मुस्लिम और एंटी OBC: ओवैसी 

इधर, AAP सांसद संजय सिंह ने इस बिल को ‘महिला बेवकूफ बनाओ’ बिल बताया है। उन्होंने कहा कि इसे 2024 से पहले लागू करना चाहिए। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी और पी चिदंबरम ने इस बिल को केंद्र सरकार का जुमला बताया। असदुद्दीन ओवैसी ने इसे एंटी मुस्लिम और एंटी OBC बिल बताया। उन्होंने कहा कि मैं अमित शाह से पूछना चाहता हूं कि सदन में एक भी जैन महिला सदस्य क्यों नहीं है। जबकि गुजरात में उनकी संख्या अच्छी खासी है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि कुल BJP सांसदों में 85 OBC से हैं। कुल भाजपा विधायकों में 27% OBC से हैं। कुल भाजपा MLC में 40% OBC हैं। (Nari Shakti Vandan Bill)

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