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Online Fraud: अलग-अलग तरीके से ठगी का शिकार बना रहे शातिर ठग, भूलकर भी नहीं करें इस नंबर को डायल

Whatsaap Strip

Online Fraud: देश में दूसरे गंभीर अपराधों के साथ ही साइबर अपराध के मामले भी रोजाना बढ़ते जा रहे हैं। शातिर बदमाश अलग-अलग तरीके से ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इसी बीच वॉट्सएप पर एक नए स्कैम का खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक वॉट्सएप अकाउंट हैक करने वाले एक नंबर डायल करने को कहते हैं। अगर अनजाने में अपने वो नंबर डायल कर लिया तो आपके फोन पर आने वाली सारी कॉल ठगों के फोन पर डायवर्ट हो जाएगी। इस तरह आपका वॉट्सएप अकाउंट हैक हो जाएगा। इस समय वॉट्सएप पर एक नया स्कैम चल रहा है, जिसमें स्कैमर्स यूजर्स के कॉल को अपने नंबर पर डायवर्ट करवा लेते हैं। इसके बाद वह आपका अकाउंट लॉगिन कर आपके कॉन्टैक्ट से रुपये मांगते हैं। इस तरह से ये धोखेबाज ठगी कर रहे हैं।

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UP साइबर क्राइम सेल के SP त्रिवेणी सिंह का कहना है कि कई बार लोगों के सामने खराब मोबाइल नेटवर्क-इंटरनेट की समस्या आती है। इसका फायदा (Online Fraud) जालसाज उठा रहे हैं। ठग ऐसे लोगों को कॉल करके कहते हैं कि आपके एरिया में खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी है। इसे लेकर आपने कंप्लेंट दर्ज कराई थी। इसके बाद इस समस्या के समाधान के लिए ठग एक नंबर डायल करने को कहते हैं।

जालसाजों का कहना होता है कि आप अगर ‘401’ नंबर डायल करते हैं तो आपको कॉल बैक किया जाएगा। कई यूजर्स इन नंबरों पर डायल भी कर देते हैं। दरअसल, उस नंबर को डायल करते हुए उनकी सभी कॉल ठगों के नंबर पर डायवर्ट हो जाती हैं। वॉट्सएप अकाउंट को वेरिफाई करने के लिए 2 ऑप्‍शन की जरूरत पड़ती (Online Fraud) है। इसके लिए OTP या CALL का ऑप्‍शन रहता है। ये ठग कॉल ऑप्‍शन सेलेक्‍ट करते हैं क्‍योंकि आपकी सभी कॉल ठग के मोबाइल नंबर पर डाइवर्ट रहती हैं।

इसी का फायदा उठाकर ठग दूसरे के वॉट्सएप को अपने फोन में लॉगिन करके उस अकाउंट में मौजूद वॉट्सएप ग्रुप और नंबरों को मैसेज करके पैसे मांगते हैं। क्योंकि नंबर असली होता है तो कॉन्टैक्ट को भी लगता है कि उनका परिचित (Online Fraud) पैसा मांग रहा है और वो Paytm या UPI के माध्यम से ट्रांसफर कर देते हैं। इससे बचने के लिए अपने वॉट्सएप अकाउंट में टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन इनेबल करें।

एप इनेबल करने के बाद OTP आने पर भी कोई लॉग इन नहीं कर पाएगा। इसके अलावा ‘401’ और उसके बाद 10 अंकों का मोबाइल नंबर (Online Fraud) डायल न करें। क्योंकि यह कॉल फॉर्वर्ड के लिए कोड है। किसी भी अनजान लिंक पर कभी भी क्लिक न करें साथ ही किसी भी अनजान फोन कॉल में शामिल न हों।

इस तरह करें इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग

क्या करें

  • ईमेल सेटिंग में हमेशा जंक/स्पैम मेल फिल्टर ऑन रखें।
  • अज्ञात व्यक्ति से प्राप्त ईमेल या उससे जुड़े अटैचमेंट और वायरस स्कैन के बाद ही खोले।
  • ईमेल में दिए गए लिंक को क्लिक करने से पहले सावधानी पूर्वक देखकर ही खोले ।
  • फिशिंग ईमेल प्राप्त होने पर इसकी सूचना सेवा प्रदाता या पुलिस को जरुर दें।
  • अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग ई-मेल एकाउंट का उपयोग किया जाना चाहिए। जैसे-व्यक्तिगत, आधिकारिक, खरीदारी ।
  • यदि प्राप्त ई-मेल संदेहास्पद है तो ईमेल हैडर से मूल ईमेल आईडी/प्रेषक ईमेल आईडी की प्रमाणिकता की जांच करें।
  • ईमेल या वेब ब्राउजर में सेवा प्रदाता द्वारा दी गई एंटी-फिशिंग सेवा का उपयोग करें।

क्या न करें

  • इंटरनेट उपयोगकर्ता को अपनी व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारी जैसे- वित्तीय सूचना खाता संख्या, पिन नंबर इंटरनेट पर न बताएं।
  • अनजाने ईमेल से प्राप्त किसी भी हाइपरलिंक को क्लिक कर नेविगेट न करें।
  • कभी भी समुद्री डाकू/मुफ्त सॉफ्टवेयर या ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग न करें। ऐसा करने से आपकी गोपनीय जानकारी और सूचनाओं की चोरी हो सकती है।

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