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ओनो सॉफ्टवेयर : सरल और पारदर्शी, उम्मीदवारों के लिए काफी उपयोगी सिध्द होगा ओनो सॉफ्टवेयर : राज्य निर्वाचन आयुक्त

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रायपुर : ओनो सॉफ्टवेयर पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी नगरीय निकाय निर्वाचन में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस संबंध में आज निर्वाचन भवन में उप जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की ऑनलाइन ट्रेनिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्पन्न हुई। राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग देश का पहला ऐसा आयोग था जिसने यह पहल की। उन्होंने बताया कि 2019 के नगरीय निकाय चुनावों में पहली बार इस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया था।

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उन्होंने बताया इस बार सबसे ख़ास बात यह है कि इस बार 15 नगरीय निकायों में होने वाले आम चुनाव और 14 निकायों में होने वाले उप चुनाव में इस प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि, 2019 में अभ्यर्थियों के पास ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके उपलब्ध थे लेकिन इस बार उन्होंने निर्देश जारी किए हैं कि नाम निर्देशन प्रपत्र शत प्रतिशत ऑनलाइन भरे जाएं। उन्होंने बताया कि यह सॉफ्टवेयर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग में इन हाउस टीम द्वारा तैयार किया गया है। इसके पीछे आयोग की यही मंशा है कि बदलने युग के साथ बदलती टेक्नोलॉजी को अपनाना। ऑनलाइन नाम निर्देशन  कोविड 19 के लिहाज से भी काफी उपयोगी साबित होगा क्योंकि अभ्यर्थी घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से अपना फार्म दाखिल कर सकता है।उन्होंने बताया कि इसके लिए जिला स्तर पर भी मार्गदर्शन उपलब्ध रहेगा।

उम्मीदवारों के लिए किस प्रकार उपयोगी है ओनो सॉफ्टवेयर

प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयोग के उप सचिव दीपक अग्रवाल ने बताया कि यह सॉफ्टवेयर अभ्यर्थियों को एक त्रुटि रहित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि ऑफलाइन भरे गए नाम निर्देशन पत्र में कई बार लिपकीय त्रुटियाँ और कांट छाँट बहुत अधिक होती हैं इस वजह से नाम निर्देशन पत्र निरस्त होने  की संभावना बढ़ जाती थी। लेकिन इस प्रक्रिया के ऑनलाइन हो जाने से इसमें कमी आएगी। क्योंकि फॉर्म सबमिट करने के पहले इसमें करेक्शन किया जा सकेगा।जब सारी प्रविष्टियां भरने के बाद अभ्यर्थी पूर्णतः संतुष्ट हो जाएं तब फार्म सबमिट करें।उन्होंने बताया कि फार्म  सबमिट करने के बाद इसका प्रिंट आउट लिया जा सकता है।ताकि एक बार पुनः फार्म पढ़ सकें। साथ ही आयोग द्वारा अभ्यर्थियों को 2 बार नाम निर्देशन पत्र दाखिल की सुविधा दी गई है ताकि यदि कोई त्रुटि रह गई हो तो उसे दूर किया जा सके।

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अभ्यर्थी मोबाइल नंबर के माध्यम से क्रिएट करेंगे अपना अकाउंट, ओटीपी होगा अनिवार्य

दीपकअग्रवाल ने बताया कि अभ्यर्थियों को ओनो सॉफ्टवेयर के माध्यम से फार्म भरने के लिए पहले एक अकाउंट बनाना होगा।यह सॉफ्टवेयर आयोग की वेबसाइट http://www.cgec.gov.in पर उपलब्ध है। सबसे अनिवार्य होगा अभ्यर्थी का मोबाइल नंबर, सुरक्षा की दृष्टि से यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि बिना ओटीपी के लॉगिन आईडी क्रियेट नहीं किया सकता। इसलिए अभ्यर्थी वही मोबाइल नम्बर चुनें जिनका उपयोग वे स्वयं कर रहे हैं। ओनो के पोर्टल पर नगरीय निकाय चुनाव वाले सेक्शन में जाकर अभ्यर्थी अपना मोबाइल नंबर डालकर अपनीआई डी क्रियेट करेँगे और 8 कैरेक्टर्स का पासवर्ड बनाएंगे जिसके बाद अभ्यर्थी के मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा जिसे दर्ज करना होगा तभी अकॉउंट बनेगा। पासवर्ड भूलने की दशा में मोबाइल नंबर के माध्यम से ही दूसरा पासवर्ड बनाया जा सकेगा। इसके अलावा यहाँ पर उम्मीदवार को सारे नियमों -अधिनियमों की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी ताकि उनको फार्म भरने के पहले ही सारी ज़रूरी जानकारी मिल जाए।यहाँ अभ्यर्थियों के लिए मार्गदर्शिका और चेक लिस्ट भी दी गई है।

सारे डॉक्यूमेंट करने होंगे अपलोड

अभ्यर्थियों को इस सॉफ्टवेयर में अपने सारे जरूरी दस्तावेज जैसे शपथ पत्र,फोटोग्राफ,मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के उम्मीदवार होने पर प्ररूप 8 व 9, जाति प्रमाणपत्र (यदि आवश्यक हो)। प्रतिभूति राशि भी ऑनलाइन जमा की जा सकती है। ऑफलाइन माध्यम से जमा कराने के बाद रसीद की प्रति भी अपलोड करनी होगी। ऑनलाइन पेमेंट की दशा में यह आवश्यक नहीं होगा।

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ओनो से बढ़ेगी पारदर्शिता,काम होगा त्रुटि रहित

प्रशिक्षण में बताया गया कि इस सॉफ्टवेयर का एक उद्देश्य पारदर्शिता लाना भी है।यहाँ आमजनों को उम्मीदवार के संबंध में पूरी जानकारी मिल सकेगी। आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग ऑफिसर के लिए अलग अलग डैशबोर्ड भी बनाए गए हैं ताकि काम करने में आसानी हो।

नाम निर्देशन से लेकर मतदान के तक कि रिपोर्ट होगी उपलब्ध

प्रशिक्षण में बताया गया कि यहाँ नामनिर्देशन प्रक्रिया, मतदान प्रक्रिया,मतगणना और उसके बाद विजयी प्रत्याशी के सर्टिफिकेट जेनरेशन की भी सुविधा रहेगी।

ओनो सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल के लिए जिला स्तर पर व्यापक प्रसार

आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं  कि ओनो के संबंध में अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करें। राजनीतिक दलों और निर्वाचन में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को इसके बारे में बारीकी से समझाएं ताकि वे इसका सरलता से उपयोग कर सकें।

इन जिलों से उप जिला निर्वाचन अधिकारी व रिटर्निंग अधिकारी हुए शामिल

प्रशिक्षण में में दुर्ग, रायपुर, धमतरी, महासमुंद, राजनांदगांव, बेमेतरा, बिलासपुर, रायगढ़, कोरिया, सूरजपुर, कांकेर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के उप जिला निर्वाचन अधिकारी, ओनो के नोडल अधिकारी, रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी, संबंधित जिले में कार्यरत प्रोग्रामर, सहायक प्रोग्रामर, तकनीकी स्टाफ एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर शामिल हुए।

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