अंबिकापुर में दूषित पानी पर उठे सवाल, सियासत तेज, जांच के निर्देश

Politics on Jaundice Ambikapur: सरगुजा जिले के अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में पीलिया के बढ़ते मामलों और दो मौतों के बाद हड़कंप मच गया है। नमनाकला खटिकपारा में दो लोगों की पीलिया से मौत की पुष्टि के बाद 48 वार्डों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूषित पानी पीने से बीमारी फैल रही है और अब नगर निगम की सप्लाई का पानी पीने में भी डर लगने लगा है। शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अमृत मिशन योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद कई इलाकों में साफ पानी उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
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वार्डवासियों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं और बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि समय पर इलाज मिल सके। इस बीच महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि सिर्फ पानी से पीलिया नहीं होता है, इसमें साजिश की बू आ रही है। सूचना दो दिन पहले मिली है। उनके इस बयान के बाद राजनीति तेज हो गई है। पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि नमनाकला खटिकपारा में छात्र की मौत अत्यंत पीड़ादायक और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई हफ्तों से स्वास्थ्य समस्या की ओर ध्यान दिलाया जा रहा था, लेकिन स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। (Politics on Jaundice Ambikapur)

सिंहदेव ने कहा कि 2-3 दिन पहले भी एक युवक की पीलिया से मौत हुई थी, जो हालात को हल्के में लेने का संकेत है। उन्होंने ट्रिपल इंजन सरकार पर जिम्मेदारी तय करने और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही अंबिकापुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के प्रभावित इलाकों में व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति और त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। इस पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि पीलिया से मौत की घटना गंभीर है और इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र कई स्तरों पर खोले जाते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जांच के निर्देश
उन्होंने कहा कि सिंहदेव जी वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं। अगर पीलिया से मौत हुई है तो कारणों की गहन जांच होगी और संबंधित विभागों से समन्वय कर पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी फिलहाल नगर निगम क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से सर्वे और जांच की तैयारी की जा रही है। लोगों को शहर को स्वच्छता के दावे नहीं, सुरक्षित पानी और ठोस कार्रवाई चाहिए। अब नजर इस बात पर है कि क्या प्रशासन समय रहते पीलिया के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण कर पाएगा और शहरवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करा सकेगा या फिर यह मामला और तूल पकड़ेगा। (Politics on Jaundice Ambikapur)



