Railway bribery case Bilaspur : रिश्वतकांड में फंसे झाझरिया कंपनी के MD की जमानत याचिका, हाईकोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट सत्यापित करने कहा
Railway bribery case Bilaspur : बिलासपुर रेलवे जोन के चीफ इंजीनियर से जुड़े घूसकांड में फंसे झाझरिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (MD) सुशील झाझरिया ने अपनी गंभीर किडनी बीमारी का हवाला देकर हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी हालत नाजुक है और तुरंत इलाज की जरूरत है।
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इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह आरोपी की मेडिकल रिपोर्ट का सत्यापन कराए और 12 जून को अगली सुनवाई से पहले विस्तृत रिपोर्ट पेश करे। कोर्ट ने कहा कि मेडिकल रिकॉर्ड की पुष्टि जरूरी है ताकि यह तय किया जा सके कि बेल देना आवश्यक है या नहीं। (Railway bribery case Bilaspur)
यह मामला उस घूसकांड से जुड़ा है जिसमें रेलवे में ठेका दिलाने के नाम पर रिश्वतखोरी हुई थी। इस मामले में CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धाराओं 7, 8, 9, 10 और 12, साथ ही बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत केस दर्ज किया है। झाझरिया कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी मनोज पाठक को रांची में 32 लाख रुपए रिश्वत देते समय रंगे हाथों पकड़ा गया था। इसके साथ ही रेलवे के चीफ इंजीनियर विशाल आनंद, उनके भाई कुणाल आनंद और कंपनी के MD सुशील झाझरिया को भी गिरफ्तार किया गया। (Railway bribery case Bilaspur)
CBI का कहना है कि यह रिश्वत चीफ इंजीनियर को काम दिलाने के एवज में दी जा रही थी। गिरफ्तार किए गए लोगों पर ठेके दिलाने के नाम पर गलत तरीके से फायदा उठाने का आरोप है।
हाईकोर्ट ने आरोपी की मेडिकल स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक मेडिकल रिपोर्ट के परीक्षण के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। (Railway bribery case Bilaspur)



