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छत्तीसगढ़ में 64 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा: आशिकी गुटखा फैक्ट्री और डिस्ट्रीब्यूटर्स के 5 ठिकानों पर DGGI की छापेमारी

फर्जी बिलिंग, शेल कंपनियों में निवेश और प्रोडक्शन छिपाने का आरोप, दिल्ली से आई 9 सदस्यीय टीम कर रही जांच

रायपुर। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने बुधवार दोपहर राजनांदगांव स्थित ‘आशिकी’ गुटखा फैक्ट्री और इसके रायपुर, दुर्ग-भिलाई स्थित 5 डिस्ट्रीब्यूशन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की बड़ी कार्रवाई की। यह छापा करीब ₹64 करोड़ की टैक्स चोरी के इनपुट पर आधारित है।

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बोगस बिलिंग और शेल कंपनियों से जुड़े थे इनपुट

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रहे इनपुट पर आधारित थी, जिनमें फैक्ट्री द्वारा फर्जी बिलिंग, शेल कंपनियों में निवेश, और जीएसटी चोरी की बात सामने आई थी। प्राथमिक जांच में DGGI टीम को लेनदेन दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी मिली है।

प्रोडक्शन छिपाकर दिखाया नुकसान

जांच में यह भी सामने आया है कि फैक्ट्री संचालक प्रोडक्शन को कम दिखाकर अकाउंट बुक्स में कृत्रिम घाटा दर्शा रहे थे, जबकि असल में गुटखा की देशभर में बड़े पैमाने पर सप्लाई की जा रही थी। इसके साथ ही कच्चे में बिक्री के जरिए टैक्स चोरी की जा रही थी।

पूछताछ में दो प्रमुख नाम

DGGI टीम ने फैक्ट्री संचालक नरेश मोटलानी और रायपुर के प्रमुख डिस्ट्रीब्यूटर विश्वनाथ काबरा से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। दस्तावेजों के साथ-साथ कंप्यूटर डेटा, बिल रजिस्टर, और डिलीवरी रिकॉर्ड्स की भी गहन जांच की जा रही है।

दिल्ली से आई जांच टीम

इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए दिल्ली से DGGI की 9 सदस्यीय टीम छत्तीसगढ़ पहुंची है, जो अब तक 5 प्रमुख स्थानों पर दस्तावेजों की जब्ती और पूछताछ कर चुकी है। छापेमारी की कार्रवाई देर रात तक जारी रहने की संभावना है।

आगे की कार्रवाई संभावित

जांच के बाद यदि आरोप पुख्ता पाए जाते हैं, तो संबंधित फैक्ट्री और व्यापारियों के खिलाफ कर अपवंचन, फर्जीवाड़ा और आर्थिक अपराध के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

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