कभी स्कूल नहीं गया ये बच्चा लेकिन याद है 40 तक का पहाड़ा, विलक्षण स्मृति और जीके का अनूठा भंडार

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दुर्ग। छत्तीसगढ़

मेहुल 11 साल का लड़का है। परिस्थितियों के चलते स्कूल नहीं जा पाया। पिता की मृत्यु के बाद माँ के हिस्से संघर्ष आया। हजार ख्याल बुनने वाले तेज दिमाग के चलते जिन जगहों पर रहा, अपनी शरारत की वजह से अनेक समस्याएं पैदा की। अंत में किसी ने बच्चे के लिए सूर्यपथ फाउंडेशन का सुझाव दिया। आज यह बच्चा अपनी मेधा से लोगों को चकित कर देता है।

आज भिलाई-3 स्थित कैंप हाउस में इसने मुख्यमंत्री के सुपुत्र चैतन्य बघेल से भेंट की। बघेल ने उनसे गणित के और जनरल नालेज के अनेक प्रश्न पूछे। इनमें से अधिकांश प्रश्नों का मेहुल ने सही जवाब दिया। बच्चे की प्रतिभा से प्रसन्न होकर चैतन्य ने उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं व्यक्त की। इस मौके पर मुख्यमंत्री के ओएसडी मनीष बंछोर भी उपस्थित थे।

पिता के नहीं रहने से एजुकेशन में आई बाधा- काफी कम उम्र में पिता के निधन के चलते माँ को काम में आना पड़ा और इससे बच्चे की पढ़ाई बाधित हो गई। प्रतिभाशाली होने की वजह से कई तरह की शरारत करता। जिस फैक्ट्री में माँ काम करती थीं, वहाँ ऐसी शरारतें की जिससे शार्ट सर्किट आदि की नौबत आ गई। इसके एजुकेशन के लिए फैक्ट्री के मालिक ने सूर्यपथ फाउंडेशन के श्री सूर्यकांत से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि ये बड़ी चुनौती है, यदि इस बच्चे का भविष्य संवार सको तो आपके लिए भी बड़ी उपलब्धि होगी।

सूर्यकांत ने बताया कि दो साल की कड़ी मेहनत के बाद मेहुल आज ऐसी स्थिति में है कि आठवीं और दसवीं की परीक्षा में भी बैठकर भी अच्छे अंक ला सकता है। सूर्यकांत ने बताया कि हम लोग इसे बिहार के तथागत तुलसी और केरल के निश्चल नारायण की तरह प्रशिक्षित कर रहे हैं। इस बच्चे को लेकर हमें बड़ी उम्मीदें हैं। अगर हम इस पर पूरा ध्यान दे पायें तो यह बच्चा अपनी पूरी संभावनाएं प्राप्त कर सकता है।

वैदिक गणित की दी शिक्षा- मेहुल गणित में अद्भुत प्रतिभाशाली है। इसकी बड़ी वजह उसका तेज दिमाग और उसे सिखाया गया वैदिक गणित है। वैदिक गणित के ज्ञान के माध्यम से यह बच्चा बड़ी संक्रियाएं भी तेजी से कर लेता है। उसके शिक्षक ने बताया कि गणित दिमाग की एक्सरसाइज की तरह होता है, इसलिए इसकी प्रैक्टिस और इसमें रुचि लेने से दिमाग का विकास भी तेजी से होता है।

जीके भी खूब- देश विदेश के राजनेताओं के बारे में भी मेहुल जानकारी रखता है। उसके शिक्षक ने बताया कि इसकी खास विशेषता इसकी स्मृति है जो भी बताएं, तेजी से याद रख लेता है। किसी चीज को समझने में काफी कम समय लगता है। उन्होंने बताया कि इस बच्चे से हमें भी बहुत सारे अनुभव मिले कि किसी भी बच्चे में सीखने और आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं होती है बशर्ते उसे सही तरह से सिखाया जाए और उत्सुक तरीके से उसे बताया जाए।

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