Tiger attack: महाराष्ट्र में बाघ का आतंक: दो दिन में चार ग्रामीणों की मौत, जंगल में दहशत का माहौल

Tiger attack: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में बाघ के हमले से दो दिन में चार लोगों की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। यह दर्दनाक घटनाएं जिले के सिंदेवाही वन रेंज और मूल तालुका के जंगल क्षेत्रों में हुईं। शनिवार को एक बाघ ने एक ही हमले में तेंदूपत्ता तोड़ने गई तीन महिलाओं को मार डाला, जबकि रविवार को एक और महिला बाघ का शिकार बन गई।
शनिवार की घटना में बाघ ने चंद्रपुर जिले के मेंढमाल गांव के जंगल में तीन महिलाओं पर एक साथ हमला कर दिया, जो तेंदूपत्ता संग्रह के लिए गई थीं। इस हमले में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई और एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह पहली बार है जब किसी बाघ ने एक ही हमले में इतनी जानें ली हैं। रविवार को नगला गांव की 65 वर्षीय विमला शिंदे पर भी बाघ ने हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई। वह भी तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई थीं। (Tiger attack)
वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। बाघ की पहचान के लिए इलाके में कैमरे लगाए गए हैं और गश्त बढ़ा दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि बाघ की पहचान होते ही उसे पकड़ने के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) को प्रस्ताव भेजा जाएगा। ग्रामीणों ने इस हमले के विरोध में प्रदर्शन कर बाघ को जल्द पकड़ने की मांग की है। (Tiger attack)
विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों की घटती सीमा और मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने के कारण ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक, चंद्रपुर जिले में 2025 में अब तक बाघों के हमलों से 16 मौतें हो चुकी हैं, जबकि 2024 में 29 लोगों की जान गई थी। 2022 में यह संख्या 51 थी, जिनमें 44 बाघों और 7 तेंदुओं के हमले शामिल थे। (Tiger attack)



