Sawan Somwar 2025 : सावन का पहला सोमवार आज: जानें जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और विशेष उपाय
पं. यशस्वी योगेन्द्र शर्मा ज्योतिषाचार्य Sawan Somwar 2025: श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही आज सावन का पहला सोमवार (Sawan Somwar 2025) है — एक ऐसा दिन जो केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, प्रकृति और जनमानस से गहराई से जुड़ा हुआ पर्व है। सावन के सोमवार विशेष रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित होते हैं और इन दिनों की पूजा को धार्मिक, सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत फलदायक माना जाता है।
जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त
भगवान शिव का अभिषेक दिनभर किया जा सकता है, लेकिन पंचांग के अनुसार प्रमुख मुहूर्त निम्न हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:15 से 5:00 बजे तक।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:50 तक।
पूजा विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- शिवलिंग का जल, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से अभिषेक करें।
- बेलपत्र, आक-धतूरा और सफेद पुष्प अर्पित करें।
- कम से कम 108 बार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
- दिनभर फलाहार करें और सायंकाल शिव आरती के साथ पूजन पूर्ण करें।
- अगले दिन अन्न व वस्त्र का दान कर व्रत का पारण करें।
धार्मिक महत्व और मान्यताएं
- सावन सोमवार व्रत वैवाहिक सुख, स्वास्थ्य, संतान सुख और आर्थिक समृद्धि के लिए अत्यंत प्रभावकारी माना जाता है।
- विशेष रूप से कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए यह व्रत श्रद्धा से करती हैं।
- यह व्रत नकारात्मक ऊर्जा, रोग और दरिद्रता को दूर करने में सहायक होता है।
सावन सोमवार के विशेष उपाय
- प्रदोष काल में शांत भाव से शिवलिंग पर जल की धारा अर्पित करें।
- ताजा बेलपत्र, आक-धतूरा और सफेद फूल शिवलिंग पर चढ़ाएं।
- मंदिर में शुद्ध घी का दीपक जलाएं – यह घर में सुख-समृद्धि व सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
- 7 बार शिवलिंग की परिक्रमा करें, हर परिक्रमा में “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।
- अंत में शिव के चरणों में बैठकर शांत मन से अपनी मनोकामना प्रकट करें।
आस्था से मिलेगा आशीर्वाद
सावन के पहले सोमवार को श्रद्धा और विधिपूर्वक किया गया शिव पूजन जीवन की बाधाओं से मुक्ति दिलाता है और हर मनोकामना को पूर्ण करता है। शिव आराधना से मन, शरीर और जीवन में शांति और संतुलन स्थापित होता है। (Sawan Somwar 2025)



