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ईरान जंग के सवाल पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, पत्रकार को बताया देशद्रोही

Trump Angry on Journalist: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक पत्रकार के सवाल पर भड़क गए। ट्रंप ने रिपोर्टर को झूठा बताते हुए कहा कि मीडिया सच नहीं लिख रहा और उसकी रिपोर्टिंग देशद्रोह जैसी है। वहीं दूसरी ओर होर्मुज स्ट्रेट, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य-पूर्व की सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। दरअसल, द न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकार डेविड सेंगर ने ट्रंप से सवाल किया था कि अगर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ पूरी सैन्य जीत हासिल कर ली है तो उसके राजनीतिक लक्ष्य अब तक क्यों पूरे नहीं हुए और सैन्य कार्रवाई अभी भी क्यों जारी है।

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इस सवाल पर ट्रंप नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान में पूरी तरह सैन्य सफलता हासिल की है और सिर्फ आप जैसे लोग ही इसे स्वीकार नहीं करते। ट्रंप ने पत्रकार से कहा कि जिस तरह आप लिखते हैं, वह देशद्रोह जैसा है। आपके एडिटर आपको जो लिखने को कहते हैं, आप वही लिखते हैं। आपको खुद पर शर्म आनी चाहिए। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान को लेकर अमेरिकी नीति और सैन्य कार्रवाई पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान 20 सालों तक अपना परमाणु कार्यक्रम रोकने को तैयार हो जाए तो अमेरिका इस समझौते पर विचार कर सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप

उन्होंने कहा कि 20 साल काफी हैं, लेकिन यह असली 20 साल होने चाहिए। अब तक ट्रंप लगातार यह मांग करते रहे थे कि ईरान स्थायी रूप से यूरेनियम संवर्धन बंद करे। ऐसे में उनके इस नए बयान को अमेरिकी रुख में नरमी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुई वार्ता के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने ईरान के 5 साल वाले प्रस्ताव के जवाब में कम से कम 20 साल की रोक की मांग रखी थी। हालांकि ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि ईरान को लेकर उनका धैर्य खत्म हो रहा है और बातचीत में अब तक कोई बड़ा नतीजा सामने नहीं आया है। ईरानी मीडिया के अनुसार तेहरान ने अपने प्रस्ताव में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने, ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी हटाने और भविष्य में हमले न करने की गारंटी की मांग की है। (Trump Angry on Journalist)

होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव

चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका और बहरीन समर्थित होर्मुज प्रस्ताव का विरोध किया है। चीन के UN राजदूत फू कॉन्ग ने कहा कि प्रस्ताव का समय और कंटेंट दोनों सही नहीं हैं और इस समय ऐसा प्रस्ताव पारित करना हालात सुधारने में मददगार नहीं होगा। अमेरिका समर्थित प्रस्ताव में ईरान से होर्मुज स्ट्रेट में हमले और समुद्री माइंस बिछाने की गतिविधियां रोकने की मांग की गई है। माना जा रहा है कि अगर प्रस्ताव वोटिंग में गया तो चीन और रूस इसे वीटो कर सकते हैं। फू कॉन्ग ने कहा कि इस समय जरूरत गंभीर और ईमानदार बातचीत की है, न कि ऐसे प्रस्तावों की।

प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देश भी जिम्मेदार होंगे: ईरान

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका समर्थित प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों को चेतावनी दी है। तेहरान ने कहा कि अमेरिका इस प्रस्ताव के जरिए यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि उसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल है, जबकि उसकी सैन्य कार्रवाई के लिए कोई राजनीतिक या कूटनीतिक आधार नहीं है। ईरान ने साफ कहा कि अगर क्षेत्रीय हालात और बिगड़ते हैं तो प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों को भी जिम्मेदार माना जाएगा। ट्रम्प और शी जिनपिंग की मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने माना कि मौजूदा युद्ध समाप्त होना चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला रहना चाहिए। हालांकि चीन ने अब तक युद्ध खत्म कराने में प्रत्यक्ष बड़ी भूमिका निभाने के संकेत नहीं दिए हैं। चीन लगातार बातचीत और युद्धविराम पर जोर दे रहा है।

BRICS देशों में भी ईरान मुद्दे पर मतभेद

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि होर्मुज संकट का समाधान सिर्फ स्थायी युद्धविराम और बातचीत से निकल सकता है। ताकत नहीं, कूटनीति ही सही रास्ता है। नई दिल्ली में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान युद्ध को लेकर सदस्य देशों के बीच एक राय नहीं बन सकी। बैठक के साझा बयान में कहा गया कि इस मुद्दे पर सदस्य देशों की सोच अलग-अलग है। इससे स्पष्ट हुआ कि वैश्विक स्तर पर भी ईरान संकट को लेकर एकजुटता नहीं बन पा रही है। अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने दावा किया कि मौजूदा संकट के बीच चीन अमेरिका से तेल खरीद बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सामान्य आवाजाही वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। (Trump Angry on Journalist)

जर्मनी ने ईरान से की बातचीत की अपील

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने ईरान से तुरंत बातचीत शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती और उसे तुरंत बातचीत की टेबल पर लौटना चाहिए। साथ ही उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की मांग भी दोहराई। इधर, इजराइली सेना ने कहा है कि गोलान हाइट्स के मजदल शम्स इलाके में जारी किया गया दुश्मन विमान घुसपैठ अलर्ट फॉल्स निकला। सेना के मुताबिक संदिग्ध हवाई गतिविधि के बाद अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन जांच में कोई वास्तविक खतरा सामने नहीं आया। हाल के दिनों में गोलान हाइट्स और इजराइल की उत्तरी सीमा पर तनाव लगातार बना हुआ है।

इजराइल-लेबनान सीजफायर 45 दिन बढ़ा

ईरानी मीडिया ने मारे गए सैन्य प्रमुख अब्दुल रहीम मूसावी का आखिरी हस्तलिखित नोट जारी किया है। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक मौसवी ने लिखा- दुनिया बुरी चीज है। अगर तुम इसे पूरी तरह हासिल भी कर लो, तब भी कुछ हासिल नहीं होता। अगर सब कुछ खो दो, तब भी वास्तव में कुछ नहीं खोता। मौसवी की मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई के दौरान हुई थी। वहीं अमेरिका की मध्यस्थता में इज़राइल और लेबनान के बीच युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि दोनों देशों के बीच दो दिनों तक चली बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में राजनीतिक और सैन्य स्तर की नई बैठकें होंगी, जिनका उद्देश्य स्थायी शांति और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना है। गाजा युद्ध के बाद से इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई जारी रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।

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