Eknath Shinde : एकनाथ शिंदे ने उद्धव पर किया वार, दशहरे पर ठाकरे परिवार को किया अपने खेमे में शामिल

Whatsaap Strip

Eknath Shinde : दशहरा का दिन महाराष्ट्र के लिए राजनितिक उठापटक का दिन रहा। महाराष्ट्र में दशहरा के जश्न के बीच भी जमकर राजनीतिक बयानबाजी हुई। इसमें एक तरफ उद्धव ठाकरे ने सीएम एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) पर निशाना साधा। तो दूसरी तरफ शिंदे ने भी उद्धव पर जमकर पलटवार किया।

बाला साहेब का वारिस कौन? शिवसेना की विरासत किसकी? महाराष्ट्र की जनता का वफादार कौन? मुंबई में दशहरे के मौके पर हुई दो राजनीतिक रैलियां इन्हीं सवालों के आसपास केंद्रित रही। असली और नकली शिवसेना की लड़ाई के बीच उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे का शक्ति प्रदर्शन था।

यह भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ के किशनपुर में प्रकट हुआ शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़ रहा जनसैलाब

जहां एक ओर महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने दादर के शिवाजी पार्क में विशाल रैली की तो वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने BKC मैदान में दशहरा रैली का आयोजन किया। इस रैली में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के बीच सिनेमाई अंदाज में डायलॉगबाजी देखने को मिली। उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में ब्लॉक बस्टर फिल्म बाहुबली के मशहूर किरदार कटप्पा का जिक्र किया और सीएम एकनाथ शिंदे को कटप्पा करार दिया। वहीं एकनाथ शिंदे ने कहा कि उन्होंने गद्दारी नहीं की है, उन्होंने जो किया है उसे गदर कहते हैं।

एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के खेमे में नजर आया ठाकरे परिवार

BKC मैदान में एकनाथ शिंदे के साथ मंच पर जो लोग नजर आए यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा झटका था। उद्धव के परिवार के लोग एकनाथ शिंदे के साथ आए। दिवंगत बाल ठाकरे के बेटे और उद्धव ठाकरे के बड़े भाई जयदेव ठाकरे, उनकी अलग हो चुकी पत्नी स्मिता ठाकरे और बेटे निहार के साथ शिंदे के साथ मंच पर नजर आए।

परिवार से एक-एक करके सदस्य एकनाथ शिंदे खेमे में जा रहे हैं। ठाकरे परिवार के ये लोग न सिर्फ मंच पर दिखे, बल्कि एकनाथ शिंदे ने उन्हें अपने बगल में बैठाया। इसके साथ ही ठाणे के दिवंगत शिवसेना नेता आनंद दीघे की बहन ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की दशहरा रैली में मौजूद रहीं।

बाल ठाकरे के ये वफादार पहले से ही शिंदे के साथ

इससे पहले सितंबर में बाल साहेब ठाकरे के पर्सनल स्टाफ चंपा सिंह थापा बागी एकनाथ शिंदे गुट शामिल हो गए थे। उनके साथ बालासाहेब के टेलिफोन ऑपरेटर मोरेश्वर राजे भी शिंदे गुट में आ गए थे। जब तक बालासाहेब सक्रिय राजनीति में थे, दोनों उनके घर मातोश्री में उनके पर्सनल स्टाफ थे।

यह भी पढ़ें : Oppo ने लॉन्च किया अपना नया स्मार्टफोन, सिर्फ इतने कीमत में मिलेगा धासू कैमरा

जयदेव ठाकरे ने शिंदे को बताया, किसान की तरह मेहनती

जयदेव ठाकरे ने बैठी हुए भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, ‘वह मेरे प्यारे एकनाथ शिंदे हैं। पिछले कुछ दिनों से, मुझे फोन आ रहे हैं कि क्या मैं शिंदे समूह में शामिल हो रहा हूं। मैं कोई ऐसा व्यक्ति नहीं हूं जिसे किसी से बांधा जा सके। मुझे एकनाथ के उठाए गए 4-5 मुद्दे पसंद हैं। यही कारण है कि मैं यहां आया हूं। वह किसान की तरह बहुत मेहनती है।’

Related Articles