Google Analytics —— Meta Pixel

महासमुंद में 1.5 करोड़ के LPG घोटाले का खुलासा, खाद्य अधिकारी समेत 4 हिरासत में

Mahasamund LPG Scam : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में करीब 1.5 करोड़ रुपए के एलपीजी घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले में प्लांट मैनेजर, खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी और गैस एजेंसी संचालक को हिरासत में लिया है। मामले के सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।

यह भी पढ़े :- छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बदलाव की आहट! PCC चीफ बनने की रेस में टीएस सिंहदेव, बोले- मौका मिला तो संभालूंगा जिम्मेदारी

पुलिस के अनुसार, गौरव गैस एजेंसी के संचालक पंकज चंद्राकर भाजपा नेता और पूर्व राज्यमंत्री पूरन चंद्राकर के दामाद बताए जा रहे हैं। (Mahasamund LPG Scam)

6 गैस कैप्सूल से निकाली गई 90 मीट्रिक टन LPG

जांच में सामने आया है कि मार्च के अंतिम सप्ताह से लेकर 6 अप्रैल 2026 के बीच सुनियोजित तरीके से एलपीजी की कालाबाजारी की गई। आरोप है कि खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव, गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर और प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव ने मिलकर 6 गैस कैप्सूल अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल को हैंडओवर किए थे।

आरोप है कि इन कैप्सूल वाहनों से गैस निकालकर अलग-अलग टैंकरों के जरिए बाजार में खपाई गई।

GPS डेटा से हुआ बड़ा खुलासा

मामले का खुलासा तब हुआ जब जांच टीम ने गैस कैप्सूल में लगे GPS सिस्टम का डेटा खंगाला। पुलिस ने गतिविधियों का क्रमवार विश्लेषण किया, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई।

जांच में पता चला कि 31 मार्च को दो कैप्सूल, 1 अप्रैल को एक कैप्सूल, 3 अप्रैल को एक और 5 अप्रैल को दो कैप्सूल से गैस निकाली गई। इस तरह कुल 6 कैप्सूल से करीब 90 मीट्रिक टन एलपीजी अवैध रूप से खाली की गई।

चार आरोपी हिरासत में, दो फरार

पुलिस ने मामले में प्लांट मैनेजर निखिल वैष्णव, खाद्य अधिकारी अजय यादव, सहायक खाद्य अधिकारी मनीष यादव और पंकज चंद्राकर को हिरासत में लिया है।

वहीं अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल के संचालक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। (Mahasamund LPG Scam)

Back to top button
error: Content is protected !!