छत्तीसगढ़ कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने पत्रकार को भेजा कानूनी नोटिस, मानहानि का मामला दर्ज करने की चेतावनी
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस (Chhattisgarh Congress) के प्रदेश मीडिया प्रभारी सुशील आनंद शुक्ला ने ई-न्यूज पोर्टल ‘भूपेश एक्सप्रेस’ के संचालक विप्लव दत्ता को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस 16 जुलाई 2025 को पोर्टल में प्रकाशित एक खबर को लेकर जारी किया गया, जिसमें शुक्ला की छवि को कथित रूप से धूमिल करने का आरोप लगाया गया है।
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15 दिन में माफ़ी मांगने का अल्टीमेटम
अधिवक्ता संदीप दुबे के माध्यम से भेजे गए इस नोटिस में कहा गया है कि संबंधित खबर में की गई टिप्पणियों से सुशील आनंद शुक्ला की सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा है। नोटिस में मांग की गई है कि:
- पोर्टल द्वारा 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए,
तथा समाचार को पोर्टल से हटाया जाए। - अन्यथा, शुक्ला की ओर से न्यायालय में मानहानि का दावा एवं अपराधिक मामला दर्ज कराने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पत्रकार को भेजा कानूनी नोटिस
विवादित समाचार की मुख्य बातें
नोटिस में जिस खबर का उल्लेख है, उसमें शीर्षक था —
“पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले सुशील आनंद शुक्ला पर भेदभाव के आरोप, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने किया किनारा”।
खबर में यह दावा किया गया था कि कांग्रेस पार्टी (Chhattisgarh Congress) के कई वरिष्ठ नेताओं ने सुशील आनंद शुक्ला की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति विशेष झुकाव रखने और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा करने के आरोप लगाए गए थे। रिपोर्ट में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, टी.एस. सिंहदेव, शिव डहरिया, अमरजीत भगत, मोहन मरकाम और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज तक का उल्लेख किया गया, जो कथित तौर पर शुक्ला के व्यवहार से असहज बताए गए।
पत्रकार और मीडिया की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई
नोटिस पर भूपेश एक्सप्रेस या विप्लव दत्ता की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि इस घटनाक्रम से छत्तीसगढ़ की कांग्रेस (Chhattisgarh Congress) राजनीति में मीडिया प्रबंधन और आंतरिक गुटबाजी को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।



