Google Analytics —— Meta Pixel

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर फिर सवाल, कबीरधाम और मुंगेली में हजारों क्विंटल धान की गड़बड़ी उजागर

Question on Paddy Purchase: छत्तीसगढ़ के धान खरीदी केंद्रों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला एक बार फिर सामने आया है। कबीरधाम और मुंगेली जिले में किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान हजारों क्विंटल धान की कमी और गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। इन मामलों ने प्रशासनिक व्यवस्था और धान खरीदी प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड अंतर्गत कई धान खरीदी केंद्रों में खाद्य विभाग के किए गए भौतिक सत्यापन में भारी अनियमितता सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक बाघा मुड़ा सोसायटी, रमतला और बघर्रा केंद्र में लगभग 5,000 क्विंटल धान कम पाया गया है।

यह भी पढ़ें:- छत्तीसगढ़ में RTE के तहत गरीब बच्चों के एडमिशन में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, 7 मई तक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

वहीं मरका सोसायटी में 110 बोरी अतिरिक्त धान मिली है, जिससे स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक भंडारण में गंभीर अंतर उजागर हुआ है। मामले की जांच के बाद जांच कमेटी ने प्रकरण तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने कहा कि दोषियों से वसूली की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर FIR दर्ज की जाएगी। आगे की जांच जारी रहेगी। इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। युवा कांग्रेस ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

New Paddy Purchase Record
Chhattisgarh Paddy

युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव आकाश केशरवानी ने कहा कि जिले में लगातार धान घोटाले सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले करोड़ों रुपए का धान चूहे खा गए और अब फिर हजारों क्विंटल धान गायब हो गया, लेकिन जिम्मेदारों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि धान खरीदी केंद्रों के प्रभारियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। कांग्रेस ने प्रदेशभर में बड़े आंदोलन और प्रदर्शन की चेतावनी दी है। (Question on Paddy Purchase)

मुंगेली में 2.54 करोड़ रुपए के धान का गबन 

इसी बीच मुंगेली जिले के हथनी कला धान खरीदी केंद्र में भी बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक करीब 8216 क्विंटल धान की हेराफेरी का आरोप लगा है। लगभग 2 करोड़ 54 लाख रुपए मूल्य के धान के गबन की बात सामने आई है। भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। कलेक्टर की ओर से जांच टीम गठित किए जाने के बाद रिपोर्ट सामने आई, जिसमें भारी अनियमितता पाई गई। इसके बाद खरीदी प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। (Question on Paddy Purchase)

सिस्टम में कहां हो रही चूक ?

लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर प्रशासन कार्रवाई और जांच की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और संरक्षण का मामला बता रहा है। अब देखना होगा कि जांच के बाद इन मामलों में कितनी सख्त कार्रवाई होती है और क्या वाकई जिम्मेदारों पर शिकंजा कस पाता है या नहीं। कबीरधाम और मुंगेली जिले में धान खरीदी केंद्रों पर सामने आई ये अनियमितताएं सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। हजारों क्विंटल धान की कमी, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और करोड़ों रुपये के संभावित गबन ने यह साफ कर दिया है कि खरीदी प्रक्रिया में कहीं न कहीं बड़ी खामियां मौजूद हैं।

Back to top button
error: Content is protected !!