Malegaon Blast Case : “मोदी, योगी और भागवत का नाम लो, छोड़ देंगे”- मालेगांव केस में बरी हुईं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का सनसनीखेज दावा

Malegaon Blast Case : मालेगांव विस्फोट मामले में बरी होने के कुछ ही दिन बाद भाजपा की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम लेने के लिए प्रताड़ित किया गया था।
साध्वी प्रज्ञा ने कहा, “उन्होंने मुझसे कहा कि इन लोगों के नाम ले लो तो हम तुम्हें नहीं पीटेंगे, छोड़ देंगे। मुझे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। मैंने उस वक्त लिखित में यह बात दर्ज करवाई थी, जिसमें उन लोगों के नाम भी हैं जिन्होंने दबाव बनाया।”
कांग्रेस पर लगाया षड्यंत्र का आरोप
साध्वी ने सीधे तौर पर तत्कालीन यूपीए सरकार और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पूरा मामला एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य भगवा और राष्ट्रवादी शक्तियों को बदनाम करना था। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने धर्म और सेना को कलंकित करने की साजिश की। ये आतंकियों को पालने वाली पार्टी है, राष्ट्रवादी कभी नहीं बन सकती।”
‘स्वास्थ्य सुविधा भी नहीं दी गई’
साध्वी ने यह भी आरोप लगाया कि जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं दी गई, जिससे उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। “बस इतना ही किया गया कि मैं किसी तरह चल सकूं,” उन्होंने कहा।
एनआईए अदालत का फैसला: ‘केवल संदेह काफी नहीं’
गौरतलब है कि 2008 के मालेगांव ब्लास्ट केस (Malegaon Blast Case) में एनआईए की विशेष अदालत ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित और अन्य छह आरोपियों को हाल ही में बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश ए.के. लाहोटी ने अपने फैसले में कहा कि “मात्र संदेह के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।”
राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल
साध्वी प्रज्ञा के इस खुलासे के बाद सियासी गलियारों में एक बार फिर मालेगांव ब्लास्ट केस (Malegaon Blast Case) चर्चा में आ गया है। जहां भाजपा समर्थक इसे न्याय और साजिश के पर्दाफाश के रूप में देख रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक सहानुभूति बटोरने की कोशिश बता सकता है।



