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बिना निविदा करोड़ों की खरीदी पर बड़ी कार्रवाई, प्राचार्य व अधिकारी निलंबित

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग में शासकीय खरीदी नियमों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर मामलों पर राज्य शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई की है। विश्वविद्यालयों एवं शासकीय महाविद्यालयों में बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए करोड़ों रुपये की खरीदी किए जाने की शिकायतें मिलने के बाद विभागीय जांच कराई गई।

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जांच में यह सामने आया कि कुछ विश्वविद्यालयों और शासकीय महाविद्यालयों द्वारा नियमों को दरकिनार करते हुए एक ही दिन में बड़ी संख्या में क्रय आदेश जारी किए गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर द्वारा 15 अप्रैल 2025 को एक ही दिन में लगभग 1 करोड़ रुपये के 26 क्रय आदेश बिना निविदा प्रक्रिया के जारी किए गए। इसी तरह शासकीय बोरणा सनातन संस्कृत आदर्श महाविद्यालय, नारायणपुर द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को 35 लाख रुपये के 22 क्रय आदेश तथा शासकीय आदर्श महाविद्यालय, लोहारकोट (महासमुंद) द्वारा 22 अक्टूबर 2025 को लगभग 1 करोड़ रुपये के 36 क्रय आदेश बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए जारी किए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 28 नवंबर 2025 को अपर संचालक की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई। समिति की रिपोर्ट के आधार पर शासकीय आदर्श महाविद्यालय, लोहारकोट (महासमुंद) के प्राचार्य एवं क्रय समिति के सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर और बोरणा सनातन संस्कृत आदर्श महाविद्यालय, नारायणपुर के मामलों में भी प्राचार्य सहित चार सहायक प्राध्यापकों को निलंबित किया गया है।

उच्च शिक्षा आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि शासकीय खरीदी नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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