पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर डबल डेकर बस पलटी, 5 लोगों की मौत, 45 घायल, 67 चालान के बाद भी दौड़ती रही बस

Road Accident in Lucknow: उत्तरप्रदेश के लखनऊ के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 45 यात्री घायल हो गए। घायलों में से 28 को गंभीर हालत में संजय गांधी स्नातकोत्तर चिकित्सा विज्ञान संस्थान (SGPGI) के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। इनमें 7 बच्चे, 12 पुरुष और 9 महिलाएं शामिल हैं। हादसे के बाद क्रेन से बस को सीधा करते ही खिड़कियों से शव सड़क पर गिर पड़े और चारों ओर खून फैल गया। कुछ घायल और मृत यात्री खिड़कियों से लटके नजर आए। कई यात्रियों के हाथ-पैर शरीर से अलग दिखाई दिए। घटनास्थल पर खून से सना एक छोटे बच्चे का जूता भी मिला।
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बस पंजाब के लुधियाना से बिहार के मोतिहारी जा रही थी। हादसे के वक्त बस की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे से ज्यादा बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस अचानक बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई और पलट गई। हादसे के तुरंत बाद ड्राइवर और क्लीनर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से बस को सीधा कर टोल प्लाजा तक ले जाया गया। सड़क पर फैले खून को साफ कराने के लिए सफाईकर्मियों को लगाया गया। मृतकों में बीरेंद्र (30), अंजली (8), प्रियांशु (15), एक 6 साल का बच्चा और 30 साल का युवक शामिल हैं। (Road Accident in Lucknow)

ड्राइवर के बयान पर सवाल
बस चालक सोमपाल हरियाणा के पानीपत जिले के नौल्था का रहने वाला है, जिसने पुलिस पूछताछ में बताया कि ढाबे पर खाने के दौरान उसने हल्की शराब पी थी। उसके मुताबिक एक्सप्रेस-वे पर अचानक ब्रेकर आने से उसने ब्रेक मारा, जिससे बस बेकाबू होकर पलट गई। हालांकि जिस जगह पर हादसा हुआ, वहां कोई ब्रेकर नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस सांप की तरह लहरा रही थी, फिर अचानक पलट गई। यात्रियों ने भी आरोप लगाया कि ड्राइवर ने हादसे से पहले शराब पी थी और उसे झपकी आ रही थी। पुलिस ने बस नंबर और ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। (Road Accident in Lucknow)
प्रारंभिक जांच में चौंकाने खुलासे
आरटीओ टीम की जांच में सामने आया कि बस में 16 स्लीपर और 32 सिटिंग सीटों की अनुमति थी, लेकिन अंदरूनी ढांचे में बदलाव कर 43 स्लीपर सीटें बना दी गई। सीटों के बीच पर्याप्त जगह और इमरजेंसी गेट के मानकों की अनदेखी की गई। ARTO के मुताबिक दस्तावेजों में बस फिट थी, लेकिन मौके पर बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन मिला। क्षमता से ज्यादा करीब 90 यात्रियों को बैठाया गया था। जांच में पाया गया कि इमरजेंसी गेट के सामने अतिरिक्त सीट लगा दी गई थी, जिससे आपातकालीन निकास पूरी तरह बंद हो गया। बस की छत पर अतिरिक्त लोहे का स्ट्रक्चर लगाकर लंबाई-चौड़ाई में बदलाव किया गया था। (Road Accident in Lucknow)
1360 किमी का सफर, सिर्फ एक ड्राइवर
पंजाब से बिहार तक करीब 1360 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए बस में सिर्फ एक ड्राइवर था, जबकि नियमों के मुताबिक लंबी दूरी की यात्रा में दो ड्राइवर अनिवार्य हैं। हर 4.5 घंटे की ड्राइविंग के बाद 45 मिनट का ब्रेक और 14 घंटे की ड्यूटी में 3 घंटे आराम का प्रावधान है। डबल डेकर बस पर अब तक 67 चालान दर्ज हैं, जिनका भुगतान नहीं किया गया। इसके बावजूद बस 50 से ज्यादा आरटीओ और एआरटीओ क्षेत्रों से गुजरती रही, लेकिन किसी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



