Google Analytics —— Meta Pixel

UNHRC में भारत का धमाका, अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी, J&K बजट IMF पैकेज से दोगुना

जिनेवा। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के सत्र में भारत ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में जवाब दिया। भारतीय प्रतिनिधि अनुपमा सिंह ने जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान और ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस पर किसी बाहरी टिप्पणी का कोई औचित्य नहीं है।

यह भी पढ़े :- दुर्ग से एम्स-डीकेएस तक सीधे ई-बस सेवा, हजारों यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

उन्होंने स्पष्ट कहा कि 1947 के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय हुआ था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह स्थिति स्थापित है। पाकिस्तान की ओर से बार-बार उठाए जाने वाले आरोपों को उन्होंने “प्रोपेगेंडा” बताया।

अवैध कब्जे का मुद्दा उठाया

अनुपमा सिंह ने कहा कि यदि कोई वास्तविक मुद्दा है, तो वह पाकिस्तान द्वारा भारतीय क्षेत्रों पर किया गया अवैध कब्जा है। उन्होंने पाकिस्तान से इन इलाकों को खाली करने की बात दोहराई।

आर्थिक तुलना से पाकिस्तान पर निशाना

भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर का विकास बजट, पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मांगे गए हालिया बेलआउट पैकेज से भी अधिक है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर में चेनाब रेल पुल का उद्घाटन हुआ, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल माना जाता है। उनके अनुसार, यह क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास का प्रमाण है।

लोकतंत्र पर पलटवार

जब पाकिस्तान ने भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए, तो भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि जिस देश में निर्वाचित सरकारें अक्सर अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पातीं, उसका लोकतंत्र पर टिप्पणी करना विरोधाभासी है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हुए हालिया चुनावों में रिकॉर्ड मतदान का हवाला देते हुए कहा कि जनता ने हिंसा और आतंकवाद को नकार कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा जताया है।

भारत ने इस मंच से यह भी संकेत दिया कि वह अब केवल आरोपों का खंडन ही नहीं करेगा, बल्कि तथ्यों के साथ जवाब देगा।

Back to top button
error: Content is protected !!