दिल्ली में शॉर्ट सर्किट से धधकी 4 मंजिला इमारत, 9 की मौत, इंदौर में भी 8 लोगों की गई जान

Death in Delhi Fire: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पालम इलाके के साध नगर में सुबह एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग ने 9 लोगों की जान ले ली। मृतकों में तीन बच्चियां भी शामिल हैं। आग सुबह करीब 7 बजे लगी और देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि जान बचाने के लिए दो लोगों को इमारत से छलांग लगानी पड़ी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब 30 गाड़ियां मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। दिल्ली फायर सर्विस के कर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें 3 घायल हैं। फिलहाल आग पूरी तरह बुझा ली गई है, लेकिन कूलिंग ऑपरेशन जारी है और आशंका जताई जा रही है कि मलबे में और भी लोग फंसे हो सकते हैं, इसलिए सर्च ऑपरेशन दोबारा चलाया जाएगा।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और तेजी से फैल गई, जिस इमारत में यह हादसा हुआ, उसके बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर का इस्तेमाल कपड़े और कॉस्मेटिक सामान के स्टोरेज के लिए किया जा रहा था, जबकि दूसरे और तीसरे फ्लोर पर लोग रह रहे थे। चौथे फ्लोर पर टिन शेड बना हुआ था, जहां तक आग की लपटें पहुंच गई थी। स्टोरेज में रखे ज्वलनशील सामान के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया, जिससे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मृतकों में प्रवेश (33), कमल (39), आशु (35), लाडो (70), हिमांशी (22), दीपिका (28) और तीन बच्चियां (15, 6 और 3 साल) शामिल हैं। घायलों में अनिल (32) और एक दो साल की बच्ची का इलाज IGI अस्पताल में चल रहा है, जबकि सचिन (29), जो करीब 25 प्रतिशत तक झुलस गए हैं, उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतकों के शव मणिपाल अस्पताल और IGI अस्पताल भेजे गए हैं। दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी एस. के. दुआ ने बताया कि जब उनकी टीम मौके पर पहुंची, तब निचले हिस्से में आग की तेज लपटें थी और ऊपर की मंजिलों पर घना धुआं भरा हुआ था। उन्होंने बताया कि टीम के पहुंचने से पहले ही दो लोग जान बचाने के लिए इमारत से कूद चुके थे। वहीं NDRF के डिप्टी इंस्पेक्टर विक्की रांगा ने कहा कि इमारत अंदर से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को भी खाली करा लिया गया है। इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। साथ ही मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता देने का ऐलान किया है।
इंदौर में EV चार्जिंग बनी काल
इसी बीच देश के दूसरे हिस्सों से भी आग की घटनाएं सामने आई हैं। मध्य प्रदेश के इंदौर में इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से लगी आग में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हुए हैं। घटना शहर के बंगाली चौराहे के पास स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी की है, जहां बुधवार तड़के करीब 3:30 से 4 बजे के बीच टाटा पंच EV में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। (Death in Delhi Fire)

जानकारी के मुताबिक मृतकों में से 6 लोग मनोज पुगलिया के रिश्तेदार थे, जो एक दिन पहले ही बिहार के किशनगंज से इंदौर आए थे। पुलिस का कहना है कि कार में लगी आग तेजी से घर के अंदर फैल गई और वहां रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद एक के बाद एक सिलेंडर फटने लगे, जिससे जोरदार धमाके हुए और मकान का एक हिस्सा ढह गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घर में लगे डिजिटल लॉक समय पर खुल नहीं पाए, जिसके कारण अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और वे आग में घिर गए। फिलहाल घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है। हादसे को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया है। साथ ही हर मृतक के परिवार वालों को PMNRF से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की मदद देने का ऐलान किया। इस बीच इंदौर के ही पलड़ा क्षेत्र में स्थित चूहा मार दवा बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस हादसे में चार से पांच लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। (Death in Delhi Fire)
चंडीगढ़ के मोबाइल मार्केट में आग
स्थानीय लोगों ने भी साहस दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री में फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या केमिकल रिएक्शन की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर-22 स्थित मोबाइल मार्केट में भी बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और एहतियात के तौर पर बाजार को खाली कराया गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने फायर सेफ्टी और शहरी इलाकों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



