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मक्के की फसल के बीच फल-फूल रहा था नशे का कारोबार, छत्तीसगढ़ में अफीम के बाद गांजे की खेती

Ganja Kheti in Kondagaon: छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले अफीम की खेती के मामले सामने आए थे, अब गांजे की अवैध खेती का बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदेश को धान के कटोरे के नाम से जाना जाता है, वहीं अब कुछ किसान कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने की चाह में नशे की खेती की ओर रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में कोंडागांव जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मक्के के खेत में छिपाकर उगाए जा रहे गांजे के 686 पौधे बरामद किए हैं। इस मामले में दो किसानों को गिरफ्तार किया गया है।

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पुलिस के मुताबिक 27 मार्च की सुबह करीब 6:40 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि पावरास पीपरा गांव के अभिराम यादव अपने खेत में मक्के की फसल के बीच गांजे की खेती कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने गवाहों को साथ लेकर मौके पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो अलग-अलग खेतों से कुल 686 गांजा के पौधे बरामद किए। आरोपियों की पहचान अभिराम यादव (29 साल) और श्रवण कुमार उइके (38 साल) के रूप में की। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस ने मौके से गांजा मिश्रित मिट्टी भी जब्त की है। जब्त पौधों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया। जब्त सामग्री को सीलबंद कर साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है। (Ganja Kheti in Kondagaon)

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

एसडीओपी अभिनव उपाध्याय ने बताया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इलाके में गांजे की खेती का यह पहला मामला नहीं है। एक किसान ने बताया कि क्षेत्र में पहले भी इस तरह की खेती की जा चुकी है और इसे स्थानीय स्तर पर ही खपाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अन्य फसलों की भी जांच की जाए तो ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं। जानकारों का मानना है कि कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने की चाहत किसानों को अवैध खेती की ओर धकेल रही है। इससे न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर असर पड़ रहा है, बल्कि समाज में नशे की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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