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रायगढ़ ओपन परीक्षा में बड़ा खेल ! पैसे लेकर नकल कराने के आरोप, मुन्नाभाई स्टाइल में परीक्षा दिलाने का खुलासा

Cheating in Open Exam: रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड स्थित बर्रा सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में संचालित ओपन परीक्षा केंद्र से परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां छात्रों से मोटी रकम वसूलकर नकल कराई जा रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक इस केंद्र में कक्षा 10वीं और 12वीं की ओपन परीक्षाएं चल रही हैं, जिसमें करीब 496 परीक्षार्थी शामिल हैं। परीक्षा केंद्र की नकल व्यवस्था की चर्चा आसपास के जिलों जैसे सक्ती, जांजगीर-चांपा, अंबिकापुर और कोरबा तक फैल चुकी थी, जिसके चलते दूर-दराज से भी छात्र यहां परीक्षा देने पहुंचे।

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रकम के हिसाब से नकल का खेल

परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने बताया कि केंद्र में 5,000 रुपए से लेकर 12,000 रुपए तक लेकर नकल कराई जा रही है। आरोप है कि जितनी ज्यादा रकम दी गई, उतनी बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई गई। छात्रों का कहना है कि पैसे देने वाले छात्रों को पर्चियों के माध्यम से नकल कराई गई, जो छात्र पैसे नहीं दे सके, उन्हें इस सुविधा से वंचित रखा गया। परीक्षा के दौरान और बाद में भी अतिरिक्त पैसे की मांग की गई। एक छात्रा ने आरोप लगाया कि उससे 12,000 रुपए लिए गए, लेकिन 2 अप्रैल को सामाजिक विज्ञान के पेपर में सिर्फ एक घंटे ही नकल करवाई गई, जिससे वह खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। (Cheating in Open Exam)

मुन्नाभाई स्टाइल में परीक्षा दिलाने का आरोप

मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा मुन्नाभाई स्टाइल में फर्जी परीक्षार्थियों से परीक्षा दिलाने का है। जानकारी के मुताबिक दो ऐसे लोग पकड़े भी गए, जो असली छात्रों की जगह परीक्षा दे रहे थे, लेकिन कार्रवाई से पहले ही मौके से फरार हो गए। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि घटना की जानकारी तुरंत जिला शिक्षा अधिकारी को क्यों नहीं दी गई ? पकड़े गए आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई ? परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष ज्ञानसागर राठिया, सहायक केंद्राध्यक्ष रामधन राठिया और प्रभारी प्राचार्य रामगोपाल राठिया पर छात्रों से पैसे लेकर नकल कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। छात्रों का दावा है कि परीक्षा शुरू होने के बाद भी पैसे की मांग की गई। पैसे न देने पर नकल से वंचित कर दिया गया। परीक्षा के बाद भी 7,000 रुपए तक की अतिरिक्त मांग की गई। (Cheating in Open Exam)

विवाद बढ़ा, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप

1 अप्रैल 2026 को परीक्षा के दौरान 6-7 छात्रों को लिखने से रोकने पर विवाद की स्थिति बन गई। मामला बढ़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा और समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया गया। इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि लगातार शिकायतों और आरोपों के बावजूद उड़नदस्ता टीम को अब तक कोई नकल का मामला नहीं मिला। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं न कहीं इस पूरे सिस्टम में मिलीभगत हो सकती है। खरसिया विकासखंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मी नारायण पटेल ने बताया कि उन्हें इस मामले की शिकायत मिली है। उनके मुताबिक उड़नदस्ता टीम के साथ दो बार निरीक्षण किया गया, लेकिन कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला।

मेहनती छात्रों में आक्रोश

उन्होंने कहा कि शनिवार को फिर से स्कूल जाकर जांच की जाएगी। अगर अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम से ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से मेहनती छात्रों का मनोबल टूट रहा है और शिक्षा व्यवस्था की साख को गहरा नुकसान पहुंच रहा है। ओपन स्कूल परीक्षा का उद्देश्य असफल छात्रों को दूसरा मौका देना है, लेकिन अगर इस तरह खुलेआम पैसे लेकर नकल कराई जा रही है तो यह पूरी प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है। (Cheating in Open Exam)

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