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भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाले में ED के हाथ लगे अहम सबूत, छापेमारी के दौरान लाखों कैश और 37 किलो चांदी जब्त

ED Chhattisgarh Action Update: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला परियोजना (रायपुर-विशाखापट्टनम हाईवे) से जुड़े जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में ED (प्रवर्तन निदेशालय) को अहम सबूत मिले हैं। दरअसल, ED के रायपुर जोनल कार्यालय की टीम ने 27 अप्रैल को रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरूद में कुल 8 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कुरूद में राइस मिलर रौशन चंद्राकर और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर के घर कार्रवाई की गई। वहीं अभनपुर में जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के ठिकाने भी जांच के घेरे में आए।

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ED की टीम को तलाशी के दौरान 66.9 लाख की नकद राशि, 37.13 किलोग्राम चांदी, कई डिजिटल डिवाइस जैसे मोबाइल, लैपटॉप के साथ महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। ये सभी सामग्री अब ED के कब्जे में है और उनकी जांच की जा रही है। यह पूरा मामला जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। ED ने यह जांच ACB/EOW रायपुर की ओर से दर्ज FIR के आधार पर शुरू की। FIR में आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन रिकॉर्ड में हेरफेर किया। गलत और संशोधित दस्तावेजों के आधार पर ज्यादा मुआवजा प्राप्त किया। यह साजिश सुनियोजित तरीके से की गई। (ED Chhattisgarh Action Update)

जांच में क्या-क्या हुआ खुलासा

ED की प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसके मुताबि नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी जमीन की मालिकाना हक में बदलाव किया गया। जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर मल्टीपल क्लेम के जरिए ज्यादा मुआवजा लिया गया। फर्जी/संशोधित खसरा रिकॉर्ड के आधार पर मुआवजा स्वीकृत और वितरित किया गया। पूरी प्रक्रिया में सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत सामने आई। इस मामले में तत्कालीन SDO (रेवेन्यू) निर्भय साहू, अन्य सरकारी अधिकारी, जमीन कारोबारी और निजी व्यक्ति जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। (ED Chhattisgarh Action Update)

जांच एजेंसी के मुताबिक इस घोटाले से सरकारी खजाने को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। वहीं आरोपियों ने अवैध तरीके से करोड़ों रुपये का फायदा उठाया। ED ने इसे अवैध आय माना है। ED ने कहा है कि मामले में अभी जांच जारी है। ऐसे में आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। आने वाले समय में और गिरफ्तारियां या बड़ी कार्रवाई होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है, जिस तरह से जमीन रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकारी मुआवजे में खेल किया गया, उसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच एजेंसी इस मामले में किन-किन लोगों तक पहुंचती है और दोषियों पर क्या कड़ी कार्रवाई होती है। (ED Chhattisgarh Action Update)

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