राजधानी में मानवता शर्मसार, पड़ोसी ने 4 साल की मासूम से की दरिंदगी, तेज धूप के चलते बच्ची को छोड़कर गई थी मां

Girl Raped in Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अभनपुर थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां खोलागांव में एक 20 साल के युवक ने 4 साल की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक पीड़ित बच्ची की मां को किसी जरूरी काम से पोस्ट ऑफिस जाना था। दोपहर के वक्त धूप काफी तेज थी, जिससे बच्ची को परेशानी न हो, इसलिए मां ने उसे सुरक्षित समझकर पड़ोस में रहने वाले शख्स के घर छोड़ दिया। मां को क्या पता था कि जिस पड़ोसी पर वह भरोसा कर रही है, वही उसकी मासूम बेटी के लिए काल बनकर बैठा है।
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जब मां पोस्ट ऑफिस से अपना काम निपटाकर वापस लौटी तो उसने अपनी बच्ची को बदहवास और रोते हुए पाया। बच्ची की हालत देख मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। पूछने पर इस जघन्य वारदात का खुलासा हुआ। पीड़िता की मां ने बिना देर किए अभनपुर थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अभनपुर पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आई। थाना प्रभारी सत्येंद्र श्याम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर आरोपी को धर-दबोचा। (Girl Raped in Raipur)
इलाके में भारी आक्रोश, कड़ी सजा की मांग
इस घटना की खबर जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। खोलागांव समेत पूरे अभनपुर क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी को फांसी जैसी सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है। अभनपुर थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई है और उसके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस मामले के हर तकनीकी और कानूनी पहलू की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि न्यायालय में पुख्ता सबूत पेश कर आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जा सके। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। (Girl Raped in Raipur)
NCRB की रिपोर्ट चिंताजनक
राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे मामलों की स्थिति को लेकर NCRB की रिपोर्टें लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। NCRB के मुताबिक देश में बच्चों के खिलाफ अपराधों में POCSO अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की संख्या पिछले सालों में लगातार बनी हुई है और कई राज्यों में बढ़ोतरी का रुझान देखा गया है। विशेष रूप से छोटे बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामले सामाजिक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में तेज जांच, मजबूत सजा प्रक्रिया और सामुदायिक सतर्कता बेहद जरूरी है, ताकि अपराधों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



