ED रेड के दौरान अफसरों से बदसलूकी, धक्का-मुक्की का आरोप, भारतमाला जमीन घोटाले की जांच के बीच बढ़ा विवाद
Misbehave With ED officials: छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना से जुड़े जमीन मुआवजा घोटाले की जांच के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है। दरअसल, अभनपुर थाना क्षेत्र में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान अधिकारियों के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्रवाई के दौरान जमीन कारोबारी गोपाल गांधी के घर पर मौजूद उनके पिता सत्यनारायण गांधी और भाई जय प्रकाश गांधी ने ईडी टीम का विरोध किया। अधिकारियों को रोकने की कोशिश की और इस दौरान डिप्टी डायरेक्टर नीरज कुमार सिंह के साथ धक्का-मुक्की की गई।
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ED अधिकारियों ने इसकी अभनपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने और अभद्र व्यवहार समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को ED की टीम भारतमाला परियोजना में गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में अभनपुर स्थित गोपाल गांधी के निवास पर पहुंची थी। टीम दस्तावेजों की जांच और सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई थी। इसी दौरान घर के भीतर मौजूद परिवार के सदस्यों ने कार्रवाई पर आपत्ति जताई। सूत्रों के अनुसार ED टीम को दस्तावेज जब्त करने से रोकने की कोशिश की गई। (Misbehave With ED officials)

अधिकारियों से तीखी बहस हुई। स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि ED के डिप्टी डायरेक्टर नीरज कुमार सिंह के साथ सीधे तौर पर धक्का-मुक्की की गई, जिसे सरकारी कार्य में बाधा के रूप में देखा जा रहा है। घटना के बाद ED अधिकारियों ने तुरंत अभनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में स्पष्ट तौर पर कहा गया कि जांच में जानबूझकर बाधा डाली गई। अधिकारियों को डराने और रोकने की कोशिश की गई। सरकारी कार्रवाई में हस्तक्षेप किया गया।
क्यों हो रही थी छापेमारी ?
अभनपुर थाना प्रभारी सत्येंद्र श्याम ने बताया कि शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने समेत अन्य धाराएं लगाई गई हैं। मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरा मामला भारतमाला परियोजना से जुड़े जमीन मुआवजा घोटाले की जांच से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि हाईवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। जमीन की कीमत और मुआवजा राशि में हेरफेर किया गया। फर्जी दस्तावेजों और मिलीभगत के जरिए करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया। ED इस मामले की जांच मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध तरीके से अर्जित धन को कहां और कैसे इस्तेमाल किया गया। (Misbehave With ED officials)
एक साथ कई जगहों पर कार्रवाई



