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देश में भीषण गर्मी का कहर, कई शहरों में पारा 46°C के पार, हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा

Heat Stroke in Summer: देश के ज्यादातर राज्यों में इस समय भीषण गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। उत्तर-पूर्वी राज्यों को छोड़ दें तो लगभग पूरे भारत में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई इलाकों में अधिकतम तापमान 40°C से 47°C के बीच पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के कम से कम 7 शहरों में तापमान 46°C के पार दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक जैसे ही तापमान 40°C के ऊपर जाता है, हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

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हीट स्ट्रोक एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें शरीर का तापमान 40°C (104°F) या उससे ज्यादा हो जाता है। यह स्थिति तब पैदा होती है जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक तेज धूप या गर्म वातावरण में रहता है। ऐसे में शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला सिस्टम फेल हो जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। समय पर इलाज न मिले तो यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ लोगों में हीट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है। खासकर 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग, शिशु और छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, एथलीट और लंबे समय तक बाहर काम करने वाले लोग। इसके अलावा हार्ट, किडनी और डायबिटीज के मरीज, मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति, कम पानी पीने वाले लोग, मजदूर, किसान और ट्रैफिक पुलिस जैसे आउटडोर काम करने वाले भी इस जोखिम की श्रेणी में आते हैं।

हीट स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण

  • बहुत ज्यादा प्यास लगना
  • ज्यादा पसीना आना
  • कमजोरी और थकान
  • सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • मतली या उल्टी
  • मांसपेशियों में ऐंठन

हीट स्ट्रोक के गंभीर लक्षण

  • शरीर का तापमान 40°C से ऊपर
  • त्वचा लाल और गर्म होना
  • पसीना आना बंद होना
  • दिल की धड़कन तेज होना
  • बोलने में दिक्कत
  • बेहोशी या दौरे पड़ना

हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक में अंतर

हीट एग्जॉशन- शरीर में पानी और नमक की कमी से कमजोरी, पसीना और चक्कर आते हैं।
हीट स्ट्रोक– शरीर का तापमान खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है और पसीना बंद हो सकता है। यह जानलेवा स्थिति है। अगर समय पर इलाज न मिले तो हीट स्ट्रोक से ब्रेन, हार्ट और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं और व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। (Heat Stroke in Summer)

हीट स्ट्रोक कब ज्यादा खतरनाक ?

  • जब तापमान 45°C के आसपास या उससे ऊपर हो
  • उमस यानी ह्यूमिडिटी ज्यादा हो
  • लंबे समय तक धूप में रहना पड़े
  • शरीर में पानी की कमी हो

हीट स्ट्रोक में तुरंत क्या करें ?

  • मरीज को तुरंत ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं।
  • आराम से लिटाएं और सिर थोड़ा ऊंचा रखें।
  • टाइट कपड़े ढीले करें।
  • शरीर को गीले कपड़े से पोछें या ठंडी पट्टियां रखें।
  • पंखा या कूलर की हवा दें।
  • थोड़ा-थोड़ा पानी या ORS पिलाएं।
  • बेहोशी, उल्टी या दौरे की स्थिति में तुरंत एंबुलेंस बुलाएं।
  • स्थिति गंभीर लगे तो अस्पताल ले जाएं।

हीट स्ट्रोक में क्या न करें ?

  • बेहोश व्यक्ति को जबरन पानी न पिलाएं।
  • बहुत ठंडा पानी या बर्फ सीधे शरीर पर न डालें।
  • लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

बचाव के उपाय

  • दिन में 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
  • हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।
  • ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
  • बाहर निकलते समय सिर ढकें।
  • शराब और कैफीन से बचें।

आउटडोर काम करने वालों के लिए सलाह

  • बार-बार ब्रेक लें।
  • छांव में आराम करें।
  • पानी और ORS का नियमित सेवन करें।
  • सिर और शरीर को ढककर रखें।

कौन-से ड्रिंक्स फायदेमंद ?

  • पानी
  • ORS घोल
  • नींबू पानी
  • छाछ
  • नारियल पानी

बच्चों और बुजुर्गों का कैसे रखें ध्यान ?

  • उन्हें धूप में जाने से बचाएं।
  • समय-समय पर पानी पिलाएं।
  • घर का तापमान ठंडा रखें।
  • हल्का और सुपाच्य भोजन दें।

कब तुरंत अस्पताल जाएं ?

  • शरीर का तापमान 40°C से ऊपर हो
  • मरीज बेहोश हो जाए
  • दौरे पड़ें
  • बोलने या समझने में दिक्कत हो

क्यों बंद हो जाता है पसीना ?

हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान नियंत्रण तंत्र फेल हो जाता है, जिससे पसीना आना बंद हो सकता है। यह एक गंभीर संकेत है।

लू लगने पर सबसे पहले क्या करें ?

सबसे पहले व्यक्ति को धूप से हटाकर ठंडी जगह पर लाएं और शरीर को ठंडा करने की प्रक्रिया शुरू करें। देश में बढ़ती गर्मी के बीच हीट स्ट्रोक एक गंभीर खतरा बनकर उभर रहा है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए सतर्क रहें, खुद को हाइड्रेट रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। बढ़ती गर्मी के बीच हीट स्ट्रोक एक गंभीर खतरे के रूप में सामने आ रहा है, जिससे बचाव के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। सही समय पर लक्षण पहचानना, पर्याप्त पानी पीना और धूप से बचाव करना ही सबसे प्रभावी उपाय हैं, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। (Heat Stroke in Summer)

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