जांजगीर में जमीन विवाद में खूनी खेल, पिता, मां और दो मासूमों की कुल्हाड़ी से की हत्या

Mass Murder in Janjgir: जांजगीर-चांपा जिले के भंवतरा गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या से सनसनी फैल गई है। मामले में पुलिस ने मृतक दंपती के मंझले बेटे सोनसाय कश्यप और उसके बेटे गोलू को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पारिवारिक संपत्ति और जमीन विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। जानकारी के मुताबिक बुधवार रात मेदनी प्रसाद कश्यप (70), उनकी पत्नी कांति बाई (65), 17 साल के नाती पीतांबर और मूकबधिर नातिन मोगरा अपने घर में खाना खाने के बाद सो गए थे।
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मेदनी प्रसाद अपनी पत्नी और नाती-नातिन के साथ निर्माणाधीन मकान के पीछे स्थित घर में रह रहे थे। गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे जब मिस्त्री काम करने पहुंचा तो निर्माणाधीन मकान का दरवाजा बंद मिला। शक होने पर वह पीछे की ओर गया, जहां चारों की खून से लथपथ लाश खाट पर पड़ी मिली। घटना की जानकारी तत्काल सरपंच और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई और निर्माणाधीन मकान के पास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर एसपी निवेदिता पाल, एएसपी उमेश कश्यप समेत पुलिस, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर जांच शुरू की। डॉग स्क्वॉड घर के पीछे बाड़ी के रास्ते सीधे संदेही सोनसाय कश्यप के घर तक पहुंचा। (Mass Murder in Janjgir)
सोनसाय और उसका बेटा गिरफ्तार
घर में ताला लगा मिला, जिसे पुलिस ने तोड़कर तलाशी ली। तलाशी के दौरान घर से हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने सोनसाय और उसके बेटे गोलू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। जांच में सामने आया है कि घटना की जड़ में पैतृक संपत्ति और जमीन विवाद था। बताया जा रहा है कि पिता मेदनी प्रसाद और बेटे सोनसाय के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक सोनसाय कश्यप का आपराधिक इतिहास भी रहा है। करीब 16-17 साल पहले वह अपने बड़े भाई की हत्या के मामले में जेल जा चुका है और लगभग 15 साल की सजा काटने के बाद घर लौटा था।
संपत्ति को लेकर जारी था विवाद
जेल से छूटने के बाद भी संपत्ति को लेकर परिवार में विवाद जारी था। शिवरीनारायण पुलिस ने पहले भी सोनसाय के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी। एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि शुरुआती जांच में चारों की हत्या कुल्हाड़ी से हमला कर की गई है। कांति बाई और नातिन मोगरा एक खाट पर सो रही थी, जबकि मेदनी प्रसाद और नाती पीतांबर दूसरी खाट पर थे। सोते समय ही उन पर ताबड़तोड़ हमला किया गया। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। वहीं इस वारदात के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में दहशत का माहौल है। (Mass Murder in Janjgir)
विवाद ने रिश्तों को किया तार-तार
जिस घर में कभी परिवार की आवाजें गूंजती थी, आज वहां मातम पसरा है। पैतृक जमीन और पारिवारिक विवाद ने रिश्तों को इस कदर तार-तार कर दिया कि एक बेटे पर अपने ही माता-पिता और मासूम बच्चों की हत्या का आरोप लग गया। भंवतरा की यह वारदात सिर्फ एक हत्याकांड नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटते भरोसे और लालच की उस खौफनाक तस्वीर को दिखाती है, जहां खून के रिश्ते भी सुरक्षित नहीं रह गए। जब रिश्तों में भरोसा खत्म होता है, तब घर ही सबसे खतरनाक जगह बन जाता है। जमीन के टुकड़ों ने अपनों के बीच ऐसी दीवार खड़ी कर दी, जिसने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। भंवतरा हत्याकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लालच जब रिश्तों पर हावी होता है तो अंजाम बेहद खौफनाक होता है।



