कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर भाजपा का तीखा हमला, नेताओं ने कहा- भाषा और मर्यादा भूले नेता प्रतिपक्

Politics on Rahul Statement: लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर सियासत लगातार जारी है। इस बीच राजस्थान के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि जब से देश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है, कांग्रेस के नेतृत्व राहुल गांधी को जनता ने ठुकरा दिया, तब से वे इतनी हताशा में आ गए हैं और इतने हल्के स्तर के शब्दों का प्रयोग करने लगे हैं। मुझे लगता है कि कांग्रेस के नेताओं को राहुल गांधी को किसी मनोचिकित्सक से दिखाना चाहिए। राहुल गांधी ऐसी घटिया शब्दावली का प्रयोग कर रहे हैं, जिसकी निंदा करने के लिए शब्द भी कम पड़ रहे हैं। हिंदुस्तान के नक्शे पर जहां कहीं भी देखो तो कांग्रेस बहुत नीचे स्तर पर आ गई है और इसके नेताओं की शब्दावली गिरती जा रही है।
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उन्होंने आगे कहा कि जब-जब ये लोग हल्के स्तर के शब्दों का प्रयोग करते हैं, तब देश की जनता उन्हें हाशिए पर ले आती है। राहुल गांधी ने हमारे प्रधानमंत्री के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया है, ये उनकी हताशा की पराकाष्ठा है। किसी भी रूप में किसी भी नेता को ऐसा नहीं कहना चाहिए। कांग्रेस के पास कोई विषय नहीं है। वे मुद्दा विहीन हो चुकी है। हम उनकी आलोचनाओं को भी स्वीकार करते हैं, लेकिन शब्दों का चयन तो स्तर का होता है। राहुल गांधी ने जैसा बयान दिया है, उनकी पार्टी के पूर्व नेताओं ने कभी ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया। कड़े से कड़े शब्दों में इसकी निंदा की जाए तो भी कम होगा। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि देश आर्थिक संकट से नहीं जूझ रहा, बल्कि कांग्रेस पार्टी राजनीतिक संकट से जूझ रही है। कांग्रेस के पास न तो नेतृत्व है, न तो नीति है और न ही नीयत है। देश में कोई समस्या नहीं है। दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में पेट्रोल-डीजल के दाम 25% औसतन बढ़े, लेकिन भारत में 4% औसतन बढ़े हैं। (Politics on Rahul Statement)
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था: वल्लभ
वल्लभ ने आगे कहा कि आज भी भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के अनुमान के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था के 7% से ज्यादा विकास करने की उम्मीद है। राहुल गांधी की समस्या ये है कि इतने भयंकर भू-राजनैतिक संकट के बावजूद भारत पर असर क्यों नहीं पड़ रहा? असर इसलिए नहीं पड़ रहा राहुल गांधी जी क्योंकि सरकार का पैसा कुछ लोगों के घरों में नहीं गया बल्कि 140 करोड़ लोगों के घरों में गया है। अभी जो देश चल रहा है, वो ‘सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास’ के सूत्र पर चल रहा है। संकट के बादल कांग्रेस पार्टी के अस्तित्व पर लहरा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मनोज कुमार पांडे ने कहा कि देश के नेता प्रतिपक्ष ने देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का नाम लेते हुए जो बयान दिया है, मैं समझता हूं कि यह बहुत निंदनीय है और इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है। ये न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों का ही अपमान है, बल्कि एक सभ्य, शिष्ट और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उस व्यक्ति द्वारा दिया गया बयान है, जो नेता प्रतिपक्ष की संवैधानिक भूमिका का निर्वाह कर रहा हो।
BJP सांसद यदुवीर की सलाह
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी गंभीर नहीं हैं, इसे तो पूरा देश पहले से जानता है लेकिन राहुल गांधी असभ्य, अशिष्ट हैं और अलोकतांत्रिक भाषा व मर्यादा की बात करते हैं, यह निश्चित तौर पर आज उनकी भाषा से उजागर हो गया है। राहुल गांधी ये न भूलें कि देश में लोकतंत्र है और जिस संविधान की बात वे करते हैं उसी के तहत भारत के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी आते हैं। BJP सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की यह टिप्पणी बेहद निंदनीय है। मेरा मानना है कि बोलने से पहले उन्हें अपने शब्दों को तौल लेना चाहिए, क्योंकि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां उनकी गरिमापूर्ण पद के बिल्कुल भी लायक नहीं हैं। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, और वास्तव में, पूरी पार्टी साथ ही हमारी मूल और वैचारिक संस्था, RSS को लोगों का लोकतांत्रिक जनादेश बार-बार मिला है। उनके लिए इस तरह के बयान देना पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है। उन्हें आलोचना करने और विरोध करने की पूरी आजादी है। आखिरकार वह विपक्ष के नेता हैं, लेकिन उन्हें ऐसा रचनात्मक तरीके से करना चाहिए। हम सभी उनके सुझावों का स्वागत करेंगे, बशर्ते वे रचनात्मक हों। हालांकि जिस तरह से वह अभी व्यवहार कर रहे हैं, वह उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है और मुझे नहीं लगता कि यह उनके पद की मर्यादा को सही ढंग से बनाए रखता है। (Politics on Rahul Statement)



