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लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, तीन नए क्रिमिनल लॉ बिल दोनों सदनों में पास

New Criminal Law Bill: संसद के शीतकालीन सत्र के 14वें दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तीन नए क्रिमिनल लॉ बिल को राज्यसभा में पेश किया, जो राज्यसभा से भी पास हो गया। अब इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।वहीं बिल पेश होने के बाद राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। राज्यसभा में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य बिल पास हो गए। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलते ही ये तीनों बिल कानून बन जाएंगे। बिलों पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो लोग सदन के बाहर पूछते हैं कि इस कानून से क्या होगा? मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि इसके लागू होने के बाद तारीख पर तारीख का जमाना नहीं रहेगा।

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उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में 3 साल में न्याय दिलाने का उद्देश्य है। जो कहते हैं कि नए कानूनों की जरूरत क्या है, उनको स्वराज का मतलब नहीं पता, इसका मतलब स्व शासन नहीं है। इसका मतलब स्व धर्म, भाषा, संस्कृति को आगे बढ़ाना है। गांधी जी ने शासन परिवर्तन की लड़ाई नहीं लड़ी, उन्होंने स्वराज की लड़ाई लड़ी। आप 60 साल सत्ता में बैठे रहे, लेकिन स्व को लगाने का काम नहीं किया, ये काम मोदी जी ने किया। तीनों विधेयकों का उद्देश्य दंड देने का नहीं है बल्कि न्याय देने का है। नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से ‘तारीख पे तारीख’ युग का अंत सुनिश्चित होगा और तीन साल में न्याय मिलेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के कारण आतंकवाद के कारण 70,000 से अधिक लोग मारे गए।  (New Criminal Law Bill)

राज्यसभा में बिल पास होने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने ट्वीट कर कहा कि आज का दिन देश के लिए ऐतिहासिक दिन है। क्योंकि आज भारत को अपने नए आपराधिक न्याय कानून मिले हैं। इस गौरवपूर्ण क्षण पर सभी भारतवासियों को बधाई। आज संसद में पारित तीनों विधेयक, अंग्रेजों द्वारा लागू किए गए कानूनों की जगह लेंगे और एक स्वदेशी न्याय प्रणाली का दशकों पुराना स्वप्न साकार होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबको साथ लेकर चलने के संकल्प से प्रेरित ये कानून, नागरिकों के अधिकारों को सर्वोपरि रखते हुए महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे। अत्याधुनिक तकनीकों से सशक्त नए भारत की यह नई न्याय प्रणाली देशवासियों को पारदर्शी और त्वरित न्याय प्रदान करने का काम करेगी।  (New Criminal Law Bill)

उन्होंने आगे लिखा कि ये नये कानून, अपराध और आतंकवाद के प्रति मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को सशक्त करेंगे। – पहली बार हमारे कानूनों में आतंकवाद, संगठित अपराध और आर्थिक अपराध को परिभाषित किया गया है, जिससे अपराधियों के कानून से बचने के हर रास्ते बंद होंगे। – पहली बार, हमारे पास ऐसे कानून हैं, जो भगोड़ों की अनुपस्थिति में सुनवाई कर उन्हें सजा दिलाएँगे। – पहली बार, छोटे अपराधों में ‘सामुदायिक सेवा’ को दंड का रूप देकर व्यक्ति को सुधारने का प्रयास होगा। यह ‘न्याय के लिए दंड’ के भारतीय न्याय दर्शन के सिद्धांत को पुनर्जीवित करेगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं हमारे देश को आत्मनिर्भर बनाने और गुलामी की निशानियों से दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूँ।  (New Criminal Law Bill)
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