Regional Language Promotion : छत्तीसगढ़ी भाषा के सम्मान में बिलासपुर से रायपुर तक निकलेगी पदयात्रा, जनकवि लक्ष्मण मस्तुरिया की जयंती पर ‘पुरखा के सुरता’ कार्यक्रम आयोजित

Regional Language Promotion : जनकवि लक्ष्मण मस्तुरिया की 76वीं जयंती पर रायपुर प्रेस क्लब में ‘पुरखा के सुरता – एक भाव, एक जुराव’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी भाषा, अस्मिता और स्वाभिमान को केंद्र में रखकर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक अनुज शर्मा, फिल्म निर्देशक सतीश जैन, मोर चिन्हारी छत्तीसगढ़ी मंच की अध्यक्ष लता राठौर और संरक्षक नंदकिशोर शुक्ल सहित अनेक साहित्यकार, कलाकार और पत्रकार शामिल हुए।
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भाषा के सम्मान में 120 किलोमीटर की पदयात्रा
कार्यक्रम के दौरान मोर चिन्हारी छत्तीसगढ़ी मंच द्वारा यह घोषणा की गई कि छत्तीसगढ़ी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग को लेकर बिलासपुर से रायपुर तक 120 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा 2 अक्टूबर गांधी जयंती के बाद शुरू होगी।
उनके सपनों को साकार करना ही सच्ची श्रद्धांजलि : नंदकिशोर शुक्ल
मुख्य वक्ता नंदकिशोर शुक्ल ने कहा, “सिर्फ गीत गाने से या कार्यक्रम करने से मस्तुरिया जी के सपनों को पूरा नहीं किया जा सकता। हमें एकजुट होकर छत्तीसगढ़ी माध्यम के स्कूल, सरकारी कामकाज में छत्तीसगढ़ी भाषा की अनिवार्यता जैसे कदम उठाने होंगे।”
रात-रात भर सुनता था कवि सम्मेलन : भूपेश बघेल
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भावुक होते हुए कहा, “मैं रात-रात भर उन्हें कवि सम्मेलनों में सुनता था। चंदैनी-गोंदा में उनकी उपस्थिति मेरे लिए विशेष होती थी। उनके गीतों ने छत्तीसगढ़ियों में स्वाभिमान की अलख जगाई है। वे सचमुच माटी के सपूत थे।”
गीतों ने जनचेतना जगाई : टंकराम वर्मा
खेल मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा, “मैंने भले उन्हें प्रत्यक्ष नहीं देखा, लेकिन उनके गीतों से जीवन भर जुड़ा रहा। खेत-खलिहान में, काम के दौरान उनके गीतों ने सदा साथ निभाया। वे जनकवि थे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ी आत्मगौरव को स्वर दिया।” (Regional Language Promotion)
मुझे स्थापित किया : सतीश जैन
फिल्म निर्देशक सतीश जैन ने कहा, “मेरी पहली फिल्म का हिट होना मस्तुरिया जी के गीत की वजह से ही संभव हो पाया। मेरे पिता ने कहा था कि फिल्म तभी बनाना जब मस्तुरिया जी का गीत हो। उनका गीत मेरी पहचान बन गया।”
जो कुछ हूं, उनकी देन है : अनुज शर्मा
गायक अनुज शर्मा ने मस्तुरिया जी से अपने पारिवारिक संबंधों को याद करते हुए कहा, “उन्होंने मेरे लिए गीत लिखे, मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया। मेरी शादी का कार्ड भी उन्होंने छत्तीसगढ़ी में लिखा था।” (Regional Language Promotion)
भाषा, अस्मिता और आंदोलन का मंच
कार्यक्रम में लता राठौर ने बताया कि मस्तुरिया जी के गीत ‘मोर संग चलव’ को अब जनआंदोलन के गीत के रूप में प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पदयात्रा को लेकर व्यापक तैयारी की जा रही है।
उपस्थित रहे कई प्रमुख चेहरे
कार्यक्रम में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल, साहित्यकार डॉ. सुधीर शर्मा, संजीव तिवारी, मीर अली मीर, पत्रकार रामअवतार तिवारी, बाबूलाल शर्मा, देवेश अमोरा, रंगकर्मी विजय मिश्रा, प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कलाकार, साहित्यकार और संस्कृतिकर्मी उपस्थित रहे। (Regional Language Promotion)



