Bilaspur High Court: सड़कों पर मवेशियों का आतंक, हाईकोर्ट ने पूछा- कब सुधरेगा सिस्टम?
Bilaspur High Court: हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और बार-बार चेतावनी के बावजूद सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी से हो रहे हादसे थम नहीं रहे हैं। 14 जुलाई की रात ग्राम बारीडीह के पास, एक अज्ञात वाहन चालक ने तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए 13 गौवंश को कुचल दिया। इस घटना पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पूछा कि इन घटनाओं पर लगाम कैसे लगेगी?
5 साल में 166 हादसे, 43 मौतें, 68 घायल
आंकड़ों के अनुसार पिछले 5 वर्षों में जिले में मवेशियों के कारण 166 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 43 लोगों की जान गई और 68 घायल हुए हैं। इसी दौरान बड़ी संख्या में गौवंश की भी मौत हुई है।
| वर्ष | हादसे | मौत | घायल |
|---|---|---|---|
| 2020 | 33 | 09 | 12 |
| 2021 | 21 | 08 | 09 |
| 2022 | 32 | 06 | 13 |
| 2023 | 42 | 09 | 15 |
| 2024 | 38 | 11 | 19 |
| कुल | 166 | 43 | 68 |
सड़क पर बैठे मवेशियों को रौंद कर भागा वाहन, हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
14 जुलाई की रात, ग्राम बारीडीह के पास हुई इस दर्दनाक घटना में 13 गौवंश की मौत और 5 घायल हुए हैं। 15 जुलाई को हाईकोर्ट ने इस घटना पर स्वत: संज्ञान लिया और महाधिवक्ता से सवाल पूछा कि इन घटनाओं को कैसे रोका जाएगा? शासन की ओर से जवाब के लिए समय मांगा गया। अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।
10 साल से जारी कोर्ट की सख्ती, लेकिन हाल जस का तस
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2015 में दाखिल हुई थी जनहित याचिका
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हाईकोर्ट ने कहा था, “अफसर एसी कमरे से निकलकर सड़कों पर जाकर देखें”
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2016 से 2024 तक कई बार कमेटी बनाने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए
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लेकिन नेशनल और स्टेट हाईवे पर अभी भी मवेशी जमावड़ा बना हुआ है
प्रशासन की कार्रवाई: दावे बहुत, जमीनी हकीकत शून्य
इस हादसे के बाद प्रशासन ने दावा किया है कि:
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सड़कों से मवेशी हटाने का आदेश दिया गया है
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रेडियम पट्टियाँ मवेशियों के गले में बांधी जा रही हैं
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रात 7 से 12 बजे तक विशेष टीम सड़कों से मवेशी हटाएगी
लेकिन 16 जुलाई की रात जब ग्राउंड रिपोर्ट की गई, तो हर रोड पर मवेशी जमे बैठे नजर आए:
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मंगला, उसलापुर, सकरी रोड
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नूतन चौक से सीपत रोड
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महाराणा प्रताप चौक से मंगला रोड
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महामाया चौक से कोनी रोड
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तोरवा, मोपका रोड, गांधी चौक, राजेंद्र नगर रोड
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नेहरू चौक, शनिचरी बाजार, चिंगराजपारा, बृहस्पति बाजार
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कोनी से लेकर रतनपुर तक नेशनल हाईवे पर भी मवेशियों की भरमार
बारिश में कीचड़ से बचने मवेशी पहुंचते हैं सड़कों पर
बारिश के कारण गांवों और कॉलोनियों में कीचड़ बढ़ गया है। इससे बचने के लिए मवेशी सूखी और समतल जगह खोजते हुए सड़कों तक पहुंच जाते हैं। रात में ये सड़क को सुरक्षित स्थान मानकर वहीं बैठ जाते हैं, जिससे हादसे होते हैं।
कोर्ट का सवाल: क्या पहले दिए गए आदेशों पर कोई अमल हुआ?
30 जुलाई की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता से पूछा:
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क्या गायों के मालिकों पर एफआईआर दर्ज हुई?
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क्या पहले के न्यायालयीय आदेशों का पालन हुआ?
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क्या कोई प्रभावी कार्य योजना अब तक बनी है?
मवेशी मालिकों पर दर्ज हुआ केस
इस हादसे के बाद, रतनपुर थाना में पहली बार मवेशी मालिक और अज्ञात वाहन चालक पर केस दर्ज किया गया है। प्रशासन ने कहा है कि अब गौवंश को आवारा छोड़ने वाले पशुपालकों पर भी केस दर्ज होगा।
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रेडियम नेक बैंड लगाए जा रहे हैं
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ग्राम पंचायत के सचिव, कोटवार और स्थानीय पुलिस की टीम बनाई गई है
हाईकोर्ट की चेतावनी, “कोर्ट न देखे तो क्या सरकार काम नहीं करेगी?”
11 जुलाई 2025 को, हाईकोर्ट ने मवेशियों और खराब सड़कों की स्थिति पर फिर स्वत: संज्ञान लिया था। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच ने पूछा:
“सड़कें खराब हैं, मवेशी हर तरफ फैले हैं, लोग मर रहे हैं — क्या सरकार बिना कोर्ट की निगरानी के कुछ नहीं करेगी?”



