असम में कांग्रेस की हार से छत्तीसगढ़ में गरमाई सियासत, क्या घट रहा है भूपेश बघेल का दबदबा ?

BJP on Bhupesh Baghel: असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को निशाने पर लेते हुए एक कार्टून पोस्टर जारी किया है, जिसमें चुनाव परिणामों को लेकर तंज कसा गया है। बीजेपी ने पोस्टर में लिखा है- बघेल को जहां-जहां की मिली जिम्मेदारी, वहां-वहां कांग्रेस बुरी तरह हारी। दरअसल, असम चुनाव में भूपेश बघेल को कांग्रेस की ओर से सीनियर ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी दी गई थी। ऐसे में बीजेपी अब इस हार को उनके नेतृत्व से जोड़कर हमला बोल रही है।
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डिप्टी CM अरुण साव ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस और भूपेश बघेल पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ की जनता पहले ही खारिज कर चुकी है, ऐसे में दूसरे राज्यों की जनता उन्हें क्यों सुनेगी, जहां राहुल गांधी और भूपेश बघेल जाएंगे, वहां कांग्रेस की हार तय है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस 99 चुनाव हार चुकी है। बीजेपी के हमलों पर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बीजेपी भूपेश बघेल से घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सीधे मुकाबला नहीं कर पा रही है, इसलिए ट्रोल आर्मी के जरिए इस तरह के कार्टून और पोस्टर जारी कर रही है। असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। (BJP on Bhupesh Baghel)
जानिए असम चुनाव में क्या हुआ
- कांग्रेस इस बार सिर्फ 19 सीटों पर सिमट गई।
- पिछली बार पार्टी ने 29 सीटें जीती थीं।
- बीजेपी ने लगातार तीसरी बार सत्ता पर कब्जा जमाया।
- बीजेपी का आंकड़ा 60 से बढ़कर 82 सीटों तक पहुंच गया।
- बीजेपी गठबंधन ने कुल 102 सीटों पर जीत दर्ज की।
- पिछली बार गठबंधन को 75 सीटें मिली थीं।
असम की हार अब सिर्फ एक राज्य का चुनावी परिणाम नहीं रह गया है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सियासत में इसकी गूंज साफ सुनाई दे रही है। एक तरफ बीजेपी इसे भूपेश बघेल और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाने का मौका बना रही है, तो वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक डर और प्रोपेगेंडा बता रही है। बड़ा सवाल यह भी है कि क्या कभी केंद्र की राजनीति तक प्रभाव रखने वाले भूपेश बघेल का कद और पकड़ वाकई कमजोर हो रही है या यह सिर्फ चुनावी हार-जीत के आधार पर खड़ा किया गया सियासी नैरेटिव है ? आने वाले समय में इसकी तस्वीर और साफ होगी। फिलहाल यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और ज्यादा गरमा सकता है, खासकर तब जब दोनों दल एक-दूसरे पर लगातार हमलावर हैं। (BJP on Bhupesh Baghel)




