कोलकाता DCP के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी, मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की कार्रवाई
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पुलिस विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक प्रकरण में कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। एजेंसी को उनके देश छोड़कर जाने की आशंका है।
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सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई कथित ‘सोना पप्पू सिंडिकेट’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। ईडी ने बीते महीने शांतनु सिन्हा विश्वास के गोलपार्क स्थित आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई पीएमएलए (PMLA) के तहत दक्षिण कोलकाता के विभिन्न इलाकों में की गई।
‘सोना पप्पू’ केस से जुड़ा मामला
जांच एजेंसी के मुताबिक, ‘सोना पप्पू’ उर्फ सोना पप्पू एक रियल एस्टेट कारोबारी और हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और आर्म्स एक्ट समेत 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोप है कि उसने फ्लैट दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये वसूले, लेकिन न तो फ्लैट दिए गए और न ही पैसे लौटाए गए।
ईडी ने अप्रैल 2026 में आनंदपुर, अलीपुर और अन्य इलाकों में उसके सहयोगियों और व्यापारिक ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच जारी है।
हिंसक झड़प के बाद बढ़ी जांच
फरवरी में गोलपार्क क्षेत्र के कंकुलिया रोड पर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें बमबाजी और फायरिंग की घटनाएं सामने आई थीं। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर यह विवाद हुआ था।
राजनीतिक कनेक्शन पर भी चर्चा
डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी अधिकारियों में माना जाता है। हालांकि, कोलकाता पुलिस का कहना है कि वह मुख्यमंत्री की सुरक्षा ड्यूटी के तहत सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूद रहते हैं।
ईडी की इस कार्रवाई के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और आगे की जांच जारी है।



