Chhattisgarh COVID JN.1 alert : कोविड JN.1 वैरिएंट को लेकर लाइट अलर्ट, 19 एक्टिव केस; ऑक्सीजन सप्लाई फिर बना संकट
Chhattisgarh COVID JN.1 alert : कोरोना वायरस का नया वैरिएंट JN.1 फैल रहा है। फिलहाल राज्य में 19 एक्टिव केस हैं, जिनमें से 13 रायपुर, 3 दुर्ग, 2 बिलासपुर और 1 मरीज बस्तर से है। डॉक्टरों के मुताबिक यह वैरिएंट पुराने वैरिएंट्स की तुलना में कम खतरनाक है। अधिकतर मरीज होम क्वारंटाइन में ठीक हो रहे हैं।
मेकाहारा अस्पताल के पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. आर.के. पांडा ने बताया कि पहले से बीमार और डायबिटीज या चेन स्मोकिंग जैसी स्थितियों वाले मरीजों के लिए यह वैरिएंट खतरनाक हो सकता है। गंभीर लक्षण वाले केस अब तक सामने नहीं आए हैं। 28 मई से कोविड ओपीडी शुरू की गई है और अब तक 31 RTPCR टेस्ट किए गए हैं। (Chhattisgarh COVID JN.1 alert)
देशभर में 9 राज्यों को छोड़कर बाकी हिस्सों में JN.1 फैल चुका है। अब तक 4,302 मामले और 44 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं। हालांकि फैटेलिटी रेट केवल 2% है।
रायपुर के DKS, अंबेडकर और आयुर्वेदिक कॉलेज अस्पतालों में पीएम केयर फंड से लगे ऑक्सीजन प्लांट दो साल से बंद पड़े हैं। DKS अस्पताल ने बीते दो वर्षों में सिलेंडर खरीदने पर करीब 3.84 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। फिलहाल अस्पताल की 40% ऑक्सीजन की जरूरत प्राइवेट एजेंसियों से मंगवाए जा रहे सिलेंडरों से पूरी हो रही है। (Chhattisgarh COVID JN.1 alert)
DKS डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. हेमंत शर्मा के अनुसार, CGMSC की ओर से लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट के लिए NOC नहीं मिलने के कारण सिस्टम चालू नहीं हो पाया। मौजूदा प्लांट केवल 60% डिमांड ही पूरी कर पा रहा है।
अगर संक्रमण तेजी से बढ़ा, तो सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन की डिमांड पूरी कर पाना मुश्किल हो सकता है। एक जंबो सिलेंडर की कीमत 300–400 रुपए तक है और यह केवल 4–5 मिनट तक ही चलता है। (Chhattisgarh COVID JN.1 alert)
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी और तैयारी
- कोविड लक्षणों वाले मरीजों की तुरंत स्क्रीनिंग और सैंपलिंग के निर्देश।
- जिन मरीजों में इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस (ILI) या सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (SARI) के लक्षण हों, उनकी जानकारी IHIS पोर्टल पर अपडेट की जाए।
- जरूरत पड़ने पर जीनोम सीक्वेंसिंग के सैंपल एम्स, रायपुर भेजे जाएं।
- मितानिनों को सामुदायिक स्तर पर निगरानी के निर्देश।
- अस्पतालों में जरूरी दवाएं और PPE किट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।



